नीतीश कुमार का धार्मिक दौरा: चुनाव परिणाम से पहले ‘संतुलन की राजनीति’?
एग्जिट पोल के बाद नीतीश का ‘आस्था सफर’, मंदिर, मजार और गुरुद्वारे में की शांति की प्रार्थना

Patan: बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का मतदान खत्म होने के अगले ही दिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बुधवार को पटना के कई धार्मिक स्थलों पर पहुंचे। उन्होंने दरगाह, मंदिर और गुरुद्वारे में मत्था टेका और राज्य में शांति-सद्भाव की कामना की। सुबह नीतीश अपने सरकारी आवास से निकले और सबसे पहले पटना हाई कोर्ट परिसर स्थित मजार पर पहुंचे, जहां उन्होंने पारंपरिक तरीके से चादरपोशी की। इसके बाद उन्होंने पटना जंक्शन स्थित प्रसिद्ध महावीर मंदिर में भगवान हनुमान की पूजा-अर्चना की और प्रसाद चढ़ाया। वहीं, अंतिम पड़ाव पर पटना सिटी के ऐतिहासिक गुरुद्वारे में उन्होंने मत्था टेका। इस दौरान मंत्री विजय चौधरी, अशोक चौधरी समेत जेडीयू के वरिष्ठ नेता उनके साथ मौजूद रहे।
नीतीश का संदेश और सियासी संकेत
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नीतीश कुमार का यह दौरा सिर्फ धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि जनता को “संतुलन और समरसता” का संदेश देने की कोशिश भी है। विश्लेषक सुभाष पांडे के मुताबिक, “नीतीश कुमार धर्म, संस्कृति और सादगी को जोड़कर यह दिखाना चाहते हैं कि वे हर वर्ग को साथ लेकर चलने वाले नेता हैं।”
एग्जिट पोल से नीतीश की खुशी झलकी
चुनाव परिणाम 14 नवंबर को घोषित होंगे। हालांकि, नीतीश कुमार के चेहरे के भाव और सहज मुस्कान से अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि वे एग्जिट पोल के नतीजों से संतुष्ट हैं। जब पत्रकारों ने उनसे एग्जिट पोल के रुझानों पर सवाल किया, तो उन्होंने बस मुस्कराते हुए “प्रणाम” किया और बिना जवाब दिए आगे बढ़ गए।
NDA की बढ़त का दावा
इंडिया टीवी–MATRIZE एग्जिट पोल के मुताबिक, एनडीए को मिल सकती हैं: 147–167 सीटें, महागठबंधन (MGB) को: 70–90 सीटें, जनसुराज (प्रशांत किशोर): 0–2 सीटें, अन्य दलों को: 2–8 सीटें, राजनीतिक हलकों में यह भी माना जा रहा है कि यह चुनाव नीतीश कुमार का आख़िरी विधानसभा चुनाव हो सकता है। करीब 19 वर्षों से मुख्यमंत्री रहने के बाद अब वे संभवतः अपनी राजनीतिक यात्रा के अंतिम चरण में हैं।



