जानिए कौन हैं नागालैंड के नए राज्यपाल नंद किशोर यादव, 7 बार विधायक से लेकर राज्यपाल तक का सफर

बिहार की राजनीति के दिग्गज नेता नंद किशोर यादव बने नागालैंड के नए राज्यपाल सात बार विधायक, मंत्री और विधानसभा अध्यक्ष रह चुके हैं नंद किशोर यादव 13.7 करोड़ की संपत्ति, 34 साल के लंबे राजनीतिक अनुभव के साथ नई जिम्मेदारी

Nagaland governor: बिहार की राजनीति के वरिष्ठ भाजपा नेता नंद किशोर यादव को नागालैंड का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। राष्ट्रपति की ओर से 5 मार्च को उनकी नियुक्ति की घोषणा की गई। करीब तीन दशक से अधिक समय तक सक्रिय राजनीति में रहने वाले नंद किशोर यादव बिहार की सियासत के प्रमुख चेहरों में गिने जाते हैं। वे सात बार विधायक, बिहार सरकार में मंत्री और विधानसभा अध्यक्ष जैसे अहम पदों पर रह चुके हैं। भाजपा संगठन और सरकार दोनों में उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। अब उन्हें नागालैंड के राज्यपाल के रूप में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।

 

13.7 करोड़ की संपत्ति, कोई देनदारी नहीं

नागालैंड के नए राज्यपाल डॉ. नंद किशोर यादव की शैक्षणिक योग्यता पीएचडी है, जो उन्होंने मगध विश्वविद्यालय, बोधगया से हासिल की। 2025 के चुनावी हलफनामे के मुताबिक उनकी कुल संपत्ति लगभग 13.70 करोड़ रुपये है। इसमें 1.46 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 12.23 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति शामिल है। खास बात यह है कि उनके ऊपर किसी तरह की कोई देनदारी नहीं है।

 

34 साल से ज्यादा का राजनीतिक सफर

नंद किशोर यादव का राजनीतिक सफर काफी लंबा और प्रभावशाली रहा है। वे 1995 से लगातार विधानसभा चुनाव जीतते रहे हैं। पहले पटना पूर्वी सीट से और परिसीमन के बाद पटना सिटी (पटना साहिब) सीट से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे। लगातार सात बार विधायक बनने का रिकॉर्ड भी उनके नाम है। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत पटना नगर निगम में काउंसलर के रूप में की थी। इसके बाद वे पटना के डिप्टी मेयर बने और भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाली।

 

लालू-राबड़ी दौर में भाजपा की मजबूत आवाज

लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के शासनकाल में नंद किशोर यादव भाजपा के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे। उस समय उन्होंने बिहार भाजपा का नेतृत्व भी किया और करीब पांच साल तक पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रहे। उस दौर में सुशील कुमार मोदी, अश्विनी चौबे और प्रेम कुमार जैसे नेता भी उनके साथ सक्रिय थे।

 

मंत्री और नेता प्रतिपक्ष भी रहे

नीतीश कुमार की सरकार में नंद किशोर यादव कई बार मंत्री रहे। उन्होंने पथ निर्माण विभाग में सबसे लंबा कार्यकाल निभाया। इसके अलावा स्वास्थ्य, परिवार कल्याण और पर्यटन विभाग की जिम्मेदारी भी संभाली। साल 2013 में जब जदयू और भाजपा का गठबंधन टूटा, तब उन्हें बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बनाया गया। इससे पहले यह जिम्मेदारी लंबे समय तक सुशील कुमार मोदी के पास थी। विधानसभा की राजनीति में भी उनके अनुभव को काफी अहम माना जाता है।

 

आरएसएस से जुड़ाव और राजनीतिक पहचान

नंद किशोर यादव का जन्म 26 अगस्त 1953 को हुआ था। उन्होंने 1970 में मैट्रिक की पढ़ाई पूरी की थी। जेपी आंदोलन के दौरान उन्होंने अपनी स्नातक की पढ़ाई छोड़ दी थी। वे 1969 से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े हुए हैं। भाजपा में उन्हें एक प्रमुख यादव नेता के रूप में भी देखा जाता है। साथ ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ उनके बेहतर तालमेल की भी अक्सर चर्चा होती रही है।

 

नेताओं ने दी बधाई

नागालैंड का राज्यपाल बनने पर भाजपा नेताओं ने उन्हें बधाई दी है। बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने एक्स पर पोस्ट कर शुभकामनाएं दीं और कहा कि नंद किशोर यादव के अनुभव से नागालैंड को नई दिशा मिलेगी। इसके अलावा विधायक रामेश्वर कुमार महतो और भाजपा नेता लाजवंती झा समेत कई नेताओं ने भी उन्हें बधाई दी है। राजनीतिक गलियारों में उनकी नियुक्ति को बड़ी जिम्मेदारी और अहम फैसला माना जा रहा है।

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