बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव? राज्यसभा क्यों जा रहे है नीतीश कुमार
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा जाने की तैयारी में, सियासत में बदलाव के संकेत। स्वास्थ्य और उम्र को देखते हुए कम सक्रिय भूमिका चुनने की चर्चा तेज। राजनीतिक गलियारों में बेटे निशांत कुमार की एंट्री और नए नेतृत्व की अटकलें।

Bihar news: पिछले करीब दो दशकों से बिहार की राजनीति के केंद्र में एक ही नाम रहा है नीतीश कुमार 2005 से अब तक सरकारें और गठबंधन कई बार बदले, लेकिन एक छोटी अवधि को छोड़ दें तो मुख्यमंत्री की कुर्सी पर नीतीश कुमार ही बने रहे। अब खबरें हैं कि वह राज्यसभा जाने की तैयारी कर रहे हैं। अगर ऐसा होता है तो बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
2020 के बाद भी क्यों बने रहे मुख्यमंत्री
2020 के विधानसभा चुनाव के बाद एनडीए में Bharatiya Janata Party सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। सीटों के लिहाज से बीजेपी के पास ज्यादा विधायक थे, लेकिन इसके बावजूद मुख्यमंत्री की कुर्सी Nitish Kumar के पास ही रही। इसके पीछे दो बड़े कारण बताए जाते हैं। पहला कारण उनका मजबूत सामाजिक आधार है। बिहार में नीतीश कुमार ने अति पिछड़े वर्ग (EBC) और महिला मतदाताओं के बीच खास पकड़ बनाई है। शराबबंदी और महिलाओं के लिए चलाई गई कई योजनाओं की वजह से उनकी छवि एक भरोसेमंद नेता की बनी है, जो चुनावी जीत में अहम भूमिका निभाती रही है।
गठबंधन की राजनीति और बदलते समीकरण
नीतीश कुमार की राजनीति हमेशा गठबंधन के समीकरणों के बीच चलती रही है। 2020 में उन्होंने बीजेपी के साथ सरकार बनाई, लेकिन कुछ समय बाद वह Rashtriya Janata Dal के साथ नई सरकार में शामिल हो गए। हालांकि बाद में वह फिर से एनडीए में लौट आए और 2025 के विधानसभा चुनाव में गठबंधन का नेतृत्व करते हुए जीत हासिल की। 2020 के बाद Narendra Modi और Amit Shah ने साफ कहा था कि नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री बने रहेंगे। इस फैसले को गठबंधन की राजनीति में भरोसा बनाए रखने के रूप में भी देखा गया।
अब क्यों चर्चा में है राज्यसभा का विकल्प
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 75 साल के हो चुके Nitish Kumar अब कम सक्रिय भूमिका निभाना चाहते हैं। ऐसे में राज्यसभा जाना उनके लिए एक सम्मानजनक विकल्प माना जा रहा है। माना जा रहा है कि यह फैसला सिर्फ पद बदलने का नहीं बल्कि पार्टी में नेतृत्व के बदलाव की तैयारी भी हो सकता है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि उनके बेटे Nishant Kumar जल्द सक्रिय राजनीति में आ सकते हैं और उन्हें राज्य सरकार में कोई अहम जिम्मेदारी मिल सकती है।
विपक्ष के आरोप और नई अटकलें
वहीं विपक्ष, खासकर Rashtriya Janata Dal का आरोप है कि बीजेपी धीरे-धीरे नीतीश कुमार को किनारे कर रही है। कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद छोड़ते हैं, तो बीजेपी को पहली बार बिहार में अपना मुख्यमंत्री बनाने का मौका मिल सकता है। कुल मिलाकर, अगर नीतीश कुमार राज्यसभा जाते हैं तो यह सिर्फ उनके राजनीतिक पद का बदलाव नहीं होगा, बल्कि करीब पांच दशक लंबी राजनीतिक यात्रा का एक नया अध्याय भी होगा। संभव है कि आगे चलकर वह राष्ट्रीय राजनीति में भी नई भूमिका निभाते नजर आएं।



