कोटा फैक्ट्री के बालमुकुंद मीना का असली सफर: रंजन राज की कहानी
कोटा फैक्ट्री के बालमुकुंद मीना का असली सफर छात्र जीवन और सपनों की जंग की कहानी, रंजन राज की प्रेरक यात्रा। IIT बॉम्बे से एक्टिंग की दुनिया तक मेहनत और जुनून की मिसाल।

OTT: अगर आप ओटीटी (OTT) की दुनिया से थोड़ा भी वाकिफ हैं तो ‘कोटा फैक्ट्री’ आपने जरूर देखा होगा। शानदार IMDb रेटिंग वाला ये शो लोगों का फेवरेट है और इसके किरदार दिल जीत लेते हैं। खासकर बालमुकुंद मीना चश्मा, मासूमियत भरी अदाएँ और गंभीर बातें हर उस छात्र की कहानी बयां करता है जो अपने सपनों के बोझ तले दबा हुआ है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि रंजन राज, जिन्होंने इस किरदार को पर्दे पर जीवंत किया, असल जिंदगी में भी IIT के रास्ते से गुज़रे हैं? बिहार की मिट्टी से मुंबई की गलियारों तक उनका सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है।
पटना से पवई तक: रंजन राज का सफर
रंजन राज का जन्म 18 मई 1994 को बिहार के अरवल जिले में हुआ। बचपन से ही होनहार और पढ़ाई में तेज रंजन का सपना था, इंजीनियर बनकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना। इसी उद्देश्य के साथ उन्होंने पटना के एक कोचिंग संस्थान में दाखिला लिया और दो साल की मेहनत के बाद JEE की कठिन परीक्षा को पास किया। उनकी मेहनत रंग लाई और उन्हें IIT बॉम्बे में दाखिला मिला। ये उनके और उनके परिवार के लिए गर्व का पल था, गरीबी को पीछे छोड़ते हुए आगे बढ़ने का रास्ता साफ नजर आया।
इंजीनियरिंग की क्लास और एक्टिंग का जुनून
IIT बॉम्बे के कैंपस में आते ही रंजन ने महसूस किया कि यहाँ के छात्र सिर्फ पढ़ाई में ही नहीं, कला और संस्कृति में भी माहिर हैं। इसी माहौल ने उनके भीतर छुपे कलाकार को जगाया। थिएटर ग्रुप्स और कॉलेज नाटकों में हिस्सा लेने के बाद रंजन को एहसास हुआ कि उनका असली सुकून फॉर्मूलों में नहीं, बल्कि अभिनय में है। छठे सेमेस्टर तक आते-आते, उन्होंने एक बड़ा फैसला लिया, IIT छोड़कर अभिनय की दुनिया में कदम रखना।
कॉलेज को कहा अलविदा
27 साल की उम्र में रंजन ने IIT छोड़कर पूरी तरह एक्टिंग की राह अपनाई। यह फैसला आसान नहीं था, लेकिन रंजन अपने सपनों के प्रति ईमानदार थे। उनका करियर TVF पिचर्स में जूनियर आर्टिस्ट के रूप में शुरू हुआ। साल 2014 में शॉर्ट फिल्म ‘इंटरवल 3डी’ से उनकी शुरुआत हुई, लेकिन असली पहचान उन्हें 2016 में अक्षय कुमार की फिल्म ‘रुस्तम’ से मिली।
फिल्मों और शोज में काम
रंजन ने शुरुआती दिनों में ‘इंटरवल 3डी’, ‘राजू’ और ‘पढ़ ले बसंती’ जैसी शॉर्ट फिल्मों में काम किया। लेकिन उन्हें ‘कोटा फैक्ट्री’ में बालमुकुंद मीना का रोल मिला और उनकी किस्मत बदल गई।
आज रंजन राज के नाम हैं:
फिल्में: ‘छिछोरे’, ‘बाला’, ‘हेलमेट’, ‘कटहल’, ‘ड्रीम गर्ल 2’, वेब सीरीज: ‘हॉस्टल डेज’, ‘कैंपस डायरीज’, सोशल मीडिया पर लाखों फॉलोअर्स होने के बावजूद उनकी सादगी और विनम्रता उन्हें पीपुल्स एक्टर बनाती है।



