जानिए करवा चौथ की पूजा का शुभ मुहूर्त जिससे व्रत का असर होगा 10 गुना

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माँ गौरी और भगवान शंकर से अपने पति की लंबी आयु और सुख जीवन के लिए कामना करने के लिए सुहागन महिलाएं हर साल करवा चौथ (Karwa Chauth) का व्रत रखती हैं। करवा चौथ के दिन चांद का विशेष महत्व होता है। करवा चौथ की रात को सभी सुहागिन महिलाओं को चांद का इंतजार रहता है क्योंकि चांद के दर्शन के बाद ही निर्जला व्रत टूटता है। वही इस बार करवा चौथ पर राजयोग बन रहा है जिससे व्रत का असर कई गुना बढ़ जाएगा।

करवा चौथ के दिन पूजा के लिए निम्न दो शुभ मुहूर्त निकले हैं:
शाम 05:55 से 07:15 तक
शाम 07: 35 से रात 08:50 तक

देश की राजधानी दिल्ली में करवा चौथ का चांद रात के 8 बजकर 16 मिनट पर निकलेगा। हालांकि अलग- अलग शहरों में चांद के निकलने में अंतर हो सकता है। हालाँकि रात 08: 16 से 08:50 तक देश के पूरे हिस्से में चंद्रमा के दर्शन हो जाएंगे, लेकिन दिल्ली को मानक मानते हुए देश के किस क्षेत्र में कब निकलेगा चाँद, आइये जानते हैं।

करवा चौथ के दिन चंद्रोदय का समय

शहर                              समय

दिल्ली-एनसीआर :     8 बजकर 16 मिनट पर
मुंबई :                         8 बजकर 50 मिनट पर
जयपुर :                      8 बजकर 25 मिनट पर
देहरादून :                    8 बजकर 10 मिनट पर
लखनऊ:                     8 बजकर 04 मिनट पर
शिमला :                     8 बजकर 12 मिनट पर
गांधीनगर :                 8 बजकर 44 मिनट पर
इंदौर :                        8 बजकर 32 मिनट पर
भोपाल:                      8 बजकर 25 मिनट पर
अहमदाबाद:                8 बजकर 45 मिनट पर
कोलकाता:                  8 बजकर 40 मिनट पर
पटना :                        7 बजकर 48 मिनट पर
प्रयागराज:                  8 बजकर 02 मिनट पर
कानपुर :                     8 बजकर 07 मिनट पर
चंडीगढ़ :                     8 बजकर 14 मिनट पर
लुधियाना :                 8 बजकर 17 मिनट पर
जम्मू :                        8 बजकर 18 मिनट पर
बंगलूरू :                     8 बजकर 40 मिनट पर
गुरुग्राम :                    8 बजकर 17 मिनट पर
असम :                       7 बजकर 22 मिनट पर

पूर्ण राजयोग पर करवा चौथ

गौरतलब है कि इस बार करवा चौथ पर चंद्रमा और गुरु का दृष्टि संबंध होने से गजकेसरी राजयोग बन रहा है। इन दोनों ग्रहों पर इस बार किसी भी अन्य ग्रह की दृष्टि नहीं पड़ने से पूर्ण राजयोग बन रहा है। इससे पहले 12 अक्टूबर 1995 को करवा चौथ पर पूर्ण राजयोग बना था। माना जाता है कि किसी भी नए काम की शुरूआत या त्योहार-व्रत में शुभ ग्रहों के योग में की गई पूजा से विशेष फल प्राप्त होता है। गुरुवार और करवा चौथ के संयोग से इस व्रत का फल कई गुना बढ़ जाएगा। इसके साथ ही राजयोग में पूजा करने से महिलाओं को व्रत का पूरा फल मिलेगा और पति-पत्नी में प्रेम बढ़ेगा।

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