पाकिस्तान ले रहा है नोटों से खतरनाक बदला

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कश्मीर मुद्दे पर भारत से भड़का पाकिस्तान अब भारत की अर्थव्यवस्था को खोखला कर भड़ास निकाल रहा है। इस षड़यंत्र को अंजाम देने के लिए पाकिस्तान भारतीय करेंसी की नक़ल कर भारत में उनका सर्कुलेशन कर रहा है। देश में कई जगह 2000 और 500 की नकली करेंसी का धड़ल्ले से हेर-फेर किया जा रहा है। भारतीय खुफिया एजेंसियों की संयुक्त जांच में खुलासा हुआ है कि आईएसआई के गुर्गों ने भारतीय मुद्रा के दो हजार और पांच सौ के नए नोटों की पहली बार हू-ब-हू नकल कर ली है।

नकली करेंसी के इस हेर फेर ने सभी जांचकर्ताओं के होश उड़ा दिए हैं। इसका कारण है नकली नोटों का असली नोटों से हू-ब-हू मेल खाना। दरअसल बीते शनिवार दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के डीसीपी प्रमोद कुमार सिंह कुशवाहा की अगुवाई में सहायक पुलिस आयुक्त अतर सिंह की टीम ने नेहरू प्लेस से डी-कंपनी के एजेंट असलम अंसारी को इस मामले में धर दबोचा था। असलम अंसारी के पास से 2000 के नोट वाली करीब साढ़े पांच लाख जाली भारतीय मुद्रा जब्त की गई थी। मूल रूप से नेपाल का रहने वाला असलम इन नकली नोटों को मार्किट तक पहुंचा रहा था। इन नकली नोटों की जांच में पता चला कि ये नोट असली नोट से ज़्यादा असली लगते हैं। इनमे असली नोट की ही तरह ‘ऑप्टिकल वेरियबल इंक’ का इस्तेमाल किया गया है। हालांकि छह महीने पहले तक पकड़े जा चुके जाली नोटों की खेप में इस इंक का इस्तेमाल नहीं हो रहा था। इसके साथ ही असली नोट में नेत्रहीनों की सुविधा के लिए बनाई ब्लीड लाइन भी नकली नोट में हू-ब-हू मौजूद है। गाँधी की तस्वीर को उभरा बनाने के साथ नकली नोट के नंबर भी असल की तरह छोटे से बड़े पैटर्न में हैं। ये सब समानताएं देख कर जांच एजेंसियां भी चकरा गयी हैं क्योंकि इन नकली नोटों को पहचानना बैंक और आम इंसान के लिए नामुमकिन जैसा है।

पाकिस्तानी सिक्योरिटी प्रेस की भूमिका

‘ऑप्टिकल वेरियबल इंक’ की खासियत है कि यह नोट पर हरे रंग का दिखाई देता है। नोट की दिशा ऊपर-नीचे करने पर इस स्याही का रंग बदलकर नीला हो जाता है। यह स्याही एक विदेशी कंपनी बनाती है, जिसकी आपूर्ति सिर्फ चुनिंदा देशों की सरकार को ही की जाती है। ऐसे में 2 हजार रुपये के नए नोट की जब्त ताजा खेप से साफ़ हो गया है कि पाकिस्तानी तंत्र ने उन सभी सुरक्षा इंतजामों की हू-ब-हू नकल कर ली, जो बिना सरकारी मदद के मुमकिन नहीं है। जांच में पता चला है कि कराची के ‘मलीर-हाल्ट’ इलाके में स्थित ‘पाकिस्तानी सिक्योरिटी प्रेस’ में छापे जा रहे हैं। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई की शह पर ही पाकिस्तानी सिक्योरिटी प्रेस में नकली भारतीय करेंसी धड़ल्ले से छप रही है। छपाई के बाद इन नोटों के भारत में निर्यात के लिए दाऊद इब्राहिम की एहम भूमिका मानी जा रही है।

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