फीकी पड़ गयी कॉफी, डूब गए CCD के फाउंडर सिद्धार्थ !

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मशहूर कैफ़े ब्रांड CCD के फाउंडर और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एसएम कृष्णा के 58 वर्षीय दामाद वीजी सिद्धार्थ सोमवार रात से लापता हैं। बता दे की कैफ़े कॉफ़ी डे (CCD) की शुरुआत 1996 में बंगलुरु के एक आउटलेट से हुई थी और कुछ ही सालो में सीसीडी के आउटलेट्स पुरे देश में फ़ैल गए | देखते ही देखते एशिया में CCD अरबिक बीन्स के सबसे बड़ी एक्सपोर्टर बन गयी।

मेंगलुरु की नेत्रवती नदी के पास से सोमवार को लापता हो गए थे वीजी सिद्धार्थ

कैफे कॉफी डे (CCD) के फाउंडर वीजी सिद्धार्थ (58) सोमवार रात से लापता हैं। ड्राइवर ने बताया कि सिद्धार्थ उलाल शहर में स्थित पुल तक घूमने के लिए आए थे। वहां उन्होंने कार रुकवाई और पैदल ही निकल गए। मैं उनका इंतजार कर रहा था। 90 मिनट तक वापस नहीं आए तो पुलिस को सूचना दी। ड्राइवर के बयान से पुलिस को अंदेशा है कि सिद्धार्थ नदी में कूद गए होंगे। इस आधार पर पुलिस सर्च ऑपरेशन में जुटी है। 25 तैराकों समेत 200 लोग सर्च ऑपरेशन में जुटे हैं। भारतीय कोस्ट गार्ड के जहाज आईसीजीएस राजदूत और एसीवी (एच-198) भी सर्च ऑपरेशन में शामिल हैं। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा, पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमार स्वामी और कई अन्य नेता सिद्धार्थ के बारे में जानकारी लेने के लिए एसएम कृष्णा के घर पहुंचे।

सिद्धार्थ का 27 जुलाई को कंपनी के नाम लिखा पत्र सामने आया था

इस बीच सिद्धार्थ का 27 जुलाई को कंपनी के नाम लिखा पत्र सामने आया है। इसमें कर्जदाताओं और प्राइवेट इक्विटी पार्टनर के दबाव का जिक्र है। उन्होंने लिखा था कि बतौर व्यवसायी नाकाम रहा।‘कर्जदाताओं के दबाव से टूट चुका हूं’

पत्र में सिद्धार्थ ने लिखा, ‘‘बेहतर प्रयासों के बावजूद मैं मुनाफे वाला बिजनेस मॉडल तैयार करने में नाकाम रहा। मैंने लंबे समय तक संघर्ष किया लेकिन अब और दबाव नहीं झेल सकता। एक प्राइवेट इक्विटी पार्टनर 6 महीने पुराने ट्रांजेक्शन से जुड़े मामले में शेयर बायबैक करने का दबाव बना रहा है। मैंने दोस्त से बड़ी रकम उधार लेकर ट्रांजेक्शन का एक हिस्सा पूरा किया था। दूसरे कर्जदाताओं द्वारा भारी दबाव की वजह से मैं टूट चुका हूं। आयकर के पूर्व डीजी ने माइंडट्री की डील रोकने के लिए दो बार हमारे शेयर अटैच किए थे। बाद में कॉफी डे के शेयर भी अटैच कर दिए थे। यह गलत था जिसकी वजह से हमारे सामने नकदी का संकट आ गया।’’

‘‘मेरी विनती है कि आप सभी मजबूती से नए मैनेजमेंट के साथ बिजनेस को आगे बढ़ाते रहें। सभी गलतियों के लिए मैं जिम्मेदार हूं। सभी वित्तीय लेन-देनों के लिए मैं जिम्मेदार हूं। मेरी टीम, ऑडिटर्स और सीनियर मैनेजमेंट को मेरे ट्रांजेक्शंस के बारे में जानकारी नहीं है। कानून को सिर्फ मुझे जिम्मेदार ठहराना चाहिए। मैंने परिवार या किसी अन्य को इस बारे में नहीं बताया।’’ ‘‘मेरा इरादा किसी को गुमराह या धोखा देने का नहीं था। एक कारोबारी के तौर पर मैं विफल रहा। उम्मीद है कि एक दिन आप समझेंगे, मुझे माफ कर दीजिए। हमारी संपत्तियों और उनकी संभावित वैल्यू की लिस्ट संलग्न कर रहा हूं। हमारी संपत्तियां हमारी देनदारियों से ज्यादा हैं। इनसे सभी का बकाया चुका सकते हैं।’’

सिद्धार्थ ने पिछले महीने माइंडट्री कंपनी में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेची थी

सिद्धार्थ ने पिछले महीने आईटी कंपनी माइंडट्री में अपनी पूरी हिस्सेदारी लार्सन एंड टूब्रो (एलएंडटी) को 3,000 करोड़ रुपए में बेची थी। इससे पहले वे 21% होल्डिंग के साथ माइंडट्री के सबसे बड़े शेयरधारक थे। कॉफी के बिजनेस में सफल कारोबारी के तौर पर उनकी खास पहचान है। कर्नाटक में उनके पास 12,000 एकड़ जमीन में कॉफी का प्लांटेशन है। इस साल मार्च तक देशभर में सीसीडी के 1,752 कैफे थे।

कॉफी डे एंटरप्राइजेज के शेयर में 20% गिरावट

वीजी सिद्धार्थ के लापता होने की खबर से बीएसई पर कॉफी डे एंटरप्राइजेज का शेयर 19.99% गिरकर 154.05 पर आ गया। एनएसई पर 20% गिरावट के साथ 153.40 रुपए तक फिसल गया। कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को बताया है कि चेयरमैन और एमडी वी जी सिद्धार्थ सोमवार शाम से संपर्क में नहीं हैं।

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