आंख की रोशनी न होने के बावजूद निकाली पीसीएस, बनाया रिकॉर्ड

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उत्तर प्रदेश के कानपुर में होंसले और मेहनत से एक और कामयाबी की कहानी लिखी गई है । कानपुर के रहने वाले अवधेश कुमार कौशल ने आंखों की रोशनी न होने के बावजूद पीसीएस की परीक्षा उत्तीर्ण कर नया कीर्तिमान रचा है । अवधेश का चयन जिला दिव्यांग कल्याण के अधिकारी के पद पर हुआ है ।

अवधेश कुमार कौशल मूल रूप से फर्रुखाबाद के गुरसहायगंज के निवासी हैं । वे केंद्रीय अरमापुर नंबर दो में जूलॉजी के शिक्षक पद पर तैनात हैं । 2016 में इनोवेशन को बढ़ावा देने के अवसर पर उन्हें राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी की ओर से सम्मानित भी किया जा चुका हैं । रेटिनाइटिस पिगमेंटोस बीमारी की वजह से 2015 में उनकी आंखों की रोशनी लगभग चली गई थी । लेकिन इस हादसे से हार मानने की जगह उन्होंने जीवन मे अपने लक्ष्य की तरफ बढ़ना नही छोड़ा ।

परिवार का भी रहा पूरा सहयोग

अवधेश बताते है कि मेरा शुरुआत से ही सिविल सेवा में जाने का मन था । जब जीवन में अंधकार हुआ तो मेरी पत्नी नीरजा ने मेरी आंखों की रोशनी बनकर मेरा साथ दिया। उन्होंने बताया कि पत्नी से मिली हिम्मत के चलते उन्होंने दिल्ली के नेशनल एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड में जाकर ट्रेनिंग ली और वापस आकर अपने सपने को पूरा करने में जुट गए । वहां से वापिस आकर उन्होंने एपेक्स एकेडमी में दाखिला लिया और परीक्षा दी। अवधेश अपनी सफलता का ज़्यादातर श्रेय पत्नी नीरजा और कोचिंग के निदेशक देवी शंकर तिवारी को देते हैं । उन्होंने बताया कि कोचिंग में पढ़ाई जाने वाली हर चीज़ को नीरजा लिखतीं और घर जाकर लैपटॉप की मदद से उन्हें पढ़ाती ।

मोहम्मद असलम की रिपोर्ट

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