टिकट बेचने का आरोप लगाकर अशोक तंवर ने दिया कांग्रेस से इस्तीफा

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हरियाणा विधानसभा चुनाव 2019 से ठीक पहले हरियाणा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अशोक तंवर (Ashok Tanwar) ने नाराज होकर पार्टी से इस्तीफा (Resignation) दे दिया है। उन्होंने पार्टी पर चुनाव के लिए टिकटों की खरीद-बिक्री का आरोप लगाया है। काफी दिनों से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा (Bhupendra Singh Huda) के साथ भी उनका टकराव चल रहा था। वहीँ गुजरात में भी कांग्रेस को झटका मिला है। गुजरात कांग्रेस के नेता बदरुद्दीन शेख ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है।

हरियाणा में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले अशोक तंवर का पार्टी छोड़ना कांग्रेस के लिए एक बड़ा झटका है। हालांकि उनका यह कदम यकायक नहीं है। अशोक पार्टी के खिलाफ काफी दिनों से बगावत कर रहे थे। दरअसल हाल ही में अशोक तंवर से राज्य की कमान छीनकर कुमारी शैलजा को दे दी गई थी। इसके विरोध में उन्होंने पार्टी में मिले सभी पदों से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद उन्हें हरियाणा की किसी भी सीट पर टिकट नहीं दी गई। अशोक कई दिनों से पार्टी पर टिकट बेचने का आरोप भी लगा रहे थे। अशोक तंवर ने पार्टी छोड़ते हुए कहा कि राहुल गाँधी के करीबी लोगों को दरकिनार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनका गुस्सा पार्टी की विचारधारा पर नहीं, बल्कि कुछ लोगों पर हैं।

परिवार की अनदेखी का नुकसान

गौरतलब है कि सभी टकरावो को दरकिनार करते हुए पार्टी ने उन्हें हरियाणा में कांग्रेस का स्टार प्रचारक घोषित किया था। लेकिन शनिवार को बड़ा फैसला लेते हुए तंवर ने पार्टी छोड़ दी। इससे कुछ दिन पहले तंवर अशोक तंवर (Ashok Tanwar) ने अपने समर्थकों के साथ दिल्ली में सोनिया गांधी के आवास पर विरोध-प्रदर्शन भी किया था। वहीँ हरियाणा कांग्रेस के एक और पूर्व अध्यक्ष धर्मपाल मलिक (Dharmpal Malick) ने अशोक तंवर (Ashok Tanwar) की अनदेखी को बिल्कुल गलत बताया। धर्मपाल मालिक ने कहा था कि जब परिवार में ऐसा होता है तो नुकसान उठाना पड़ता ही है।

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