Thursday, March 4, 2021

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह नें डिजिटल लाइब्रेरी का किया शुभारंभ

Must read

अमेरिका में विशेषज्ञों की टीम ने जॉनसन एंड जॉनसन की वैक्सीन को दी मंजूरी

वाशिंगटन,  अमेरिका में विशेषज्ञों की पैनल ने जॉनसन एंड जॉनसन कोविड-19 वैक्सीन को मंजूरी प्रदान की है। वैक्सीनों और संबंधित जैविक उत्पादों की सलाहकार समिति...

बलखाती पिच पर फाइनल का टिकट कटाने उतरेगा भारत

अहमदाबाद,   टेस्ट इतिहास में कोई टेस्ट इतना महत्वपूर्ण साबित नहीं हुआ होगा जितना भारत और इंग्लैंड के बीच गुरूवार से यहां नरेंद्र मोदी स्टेडियम...

शिवराज सिंह चौहान ने गरीबों को बोली ये बात

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि गरीबों को सुस्वादु और पौष्टिक भोजन उपलब्ध करवाकर अनमोल दुआएँ प्राप्त करें। नगरीय निकाय...

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह पहुंचे सैदपुर, इस कार्यक्रम में किए शिरकत

ब्रेकिंग न्यूज़ गाजीपुर। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह पहुंचे सैदपुर। सैदपुर के मदारीपुर पहुंचे रक्षामंत्री राजनाथ सिंह। शादी कार्यक्रम में शिरकत करने पहुँचे राजनाथ सिंह। केंद्रीय मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय भी...

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को संयुक्त रूप से महायोगी गुरू गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय (पीजी कालेज), बिथ्याणी, यमकेश्वर (पौड़ी) में स्थापित की गई डिजिटल लाइब्रेरी का डिजिटल माध्यम से शुभारम्भ किया। यह लाइब्रेरी यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने अपने सी.एस.आर. फंड से बनाई है।

डिजिटल माध्यम से अपने सम्बोधन में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पौड़ी जिले के इस दूरस्थ क्षेत्र में महायोगी गुरू गोरखनाथ की स्मृति में स्थापित इस महाविद्यालय का श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने राजकीयकरण कर इस क्षेत्र के छात्रों को उच्च शिक्षा की बड़ी सौगात दी है। यह उनकी शिक्षा के विकास के साथ ही राज्य के समग्र विकास की सोच को भी दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इस महाविद्यालय में स्थापित की गई डिजिटल लाइब्रेरी महाविद्यालय के छात्रों के साथ ही क्षेत्र के अन्य विद्यालयों के छात्रों के लिये भी उपयोगी होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विद्यालय के शिक्षकगण इस विद्यालय में शिक्षा का अनुकूल वातावरण का सृजन कर छात्रों को राज्य व केन्द्र स्तर पर होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में भी इस लाइब्रेरी को उपयोगी बनाने में मददगार होंगे। उन्होंने कहा कि आज का युग तकनीकि का युग है, एक क्लिक पर तमाम दुनिया की जानकारी प्राप्त की जा सकती है।  आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले चार वर्षों में उत्तराखंड में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। केदारनाथ एवं बदरीनाथ में किये गये आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विकास को उन्होंने चार माह पूर्व इन स्थानों में जाकर देखा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2013 की आपदा के बाद आध्यात्मिक आस्था के ये केन्द्र नये स्वरूप में देश और दुनिया के सामने है। यह विकास के नये दृष्टिकोण को प्रदर्शित करता है।

उन्होंने कहा कि कोविड-19 की वैश्विक महामारी में भी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकारों ने जनता की बेहतर सेवा की है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उनकी विकासपरक सोच का परिणाम है कि उत्तराखंड में रेल और सड़कों का तेजी से निर्माण हो रहा है। देश में आधुनिक संचार प्रणाली का तेजी से विकास हुआ है। सरकारी योजनाओं का धन सीधे लाभर्थियों के खाते में जमा हो रहा है। उन्होंने कहा कि कोविड काल में बेहतर प्रबंधन को ही परिणाम रहा कि जहां 33 करोड़ आबादी वाले अमेरिका जैसे साधन सम्पन्न देश में इस बीमारी से पांच लाख लोगों की मौत हुई वहीं 24 करोड़ आबादी वाले उत्तर प्रदेश में हुई मौत की संख्या को हम 8500 तक रोकने में सफल रहे।

इस अवसर पर श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि इस महाविद्यालय का क्षेत्र की शिक्षा लिये बड़ा महत्व है। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में दूरस्थ क्षेत्र के छात्रों के लिये यह विद्यालय बहुत ही उपयोगी रहा है। महाविद्यालय के विकास में स्व. आनन्द सिंह रावत का सराहनीय योगदान रहा है। इस विद्यालय को उच्च शिक्षा का केन्द्र बनाने के लिये वे प्रयासरत रहे। क्षेत्र के बच्चों को अच्छी शिक्षा के प्रति वे सदैव चिंतित रहते थे। उन्होंने कहा कि इस महाविद्यालय में डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना होने से इस दूरस्थ क्षेत्र में तकनीकि क्षेत्रों में हो रहे सुधारों का लाभ छात्रों को मिलेगा। इससे छात्रों को अच्छी डिजिटल लाइब्रेरी उपलब्ध होगी। इससे वे आधुनिक संचार तकनीकि का बेहतर उपयोग कर पायेंगे तथा देश व दुनिया से जुड़ कर उनकी सोच में भी सकारात्मक परिवर्तन आ सकेगा।

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) राजकिरन राय ने कहा कि यूनियन बैंक द्वारा सीएसआर के तहत शिक्षा के साथ ही समाज हित के विभिन्न कार्यक्रमों में भागीदारी निभाई जा रही है। उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में तकनीकि शिक्षा के प्रसार में स्थापित की जा रही डिजिटल लाइब्रेरी छात्रों के लिये उपयोगी होगी। उन्होंने बैंक से सम्बन्धित कार्यकलापों की भी जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि महायोगी गुरू गोरखनाथ महाविद्यालय के प्रधानाचार्य एम. पी. मधवाल ने कहा कि इस महाविद्यालय में 230 छात्र अध्ययनरत है, जिसमें सात विषयों की पढ़ाई हो रही है। उच्च शिक्षा के आधुनिकीकरण की दिशा में महाविद्यालय में स्थापित की गई डिजिटल लाइब्रेरी का उन्होंने छात्रों के व्यापक हित में बताया। यह लाइब्रेरी तकनीकि शिक्षा उपलब्ध कराने में प्रेरणा का भी कार्य करेगी। बैंक के एफजीएम राजीव मिश्रा ने आभार व्यक्त किया।

- Advertisement -

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article

सत्ताधारियों के कब्जे में है सरकारी अस्पतालों की स्वास्थ व्यवस्था

स्वास्थ्य यानी मनुष्य के जीवन से जुड़ा हुआ एक हिस्सा. बच्चे के जन्म से लेकर मृत्यु तक स्वास्थ्य साथ देता है यदि स्वास्थ्य में...

लॉन्च हुआ मल्टी एक्सल नया ट्रक

कमर्शल वाहनों के सबसे बड़े निर्माता टाटा मोटर्स ने मध्यम और भारी व्यावसायिक वाहनों (एम एंड एचसीवी) की श्रेणी में अपना नया ट्रक टाटा...

योगी आदित्यनाथ ने चार साल पूरे होने पर कही ये बात

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि चार साल पहले देश दुनिया में बीमारू राज्य के तौर पर माना जाने वाला उत्तर प्रदेश आज देश...

कोरोना का समय देश और दुनिया के लिए असाधारण रहा- योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि यह सर्वविदित है कि करोना का समय देश और दुनिया के लिए असाधारण रहा। कोरोना से...

मुख्यमंत्री योगी पश्चिम बंगाल के मतदाताओं को कर रहे भ्रमित-अखिलेश यादव

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी जी पश्चिम बंगाल के मतदाताओं...