यूपी पुलिस ने किया कमलेश तिवारी हत्याकांड के पर्दाफाश का दावा, मिठाई के डिब्बे से मिला सुराग

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उत्तर प्रदेश पुलिस ने हिन्दू समाज पार्टी के नेता कमलेश तिवारी हत्याकांड मामले को 24 घंटे के भीतर ही सुलझा लेने का दावा किया है | इस मामले में उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि घटनास्थल पर मिठाई का डिब्बा बरामद हुआ था और वही अहम सुराग बना |

हिन्दू समाज पार्टी के नेता कमलेश तिवारी की गला रेतकर शुक्रवार लखनऊ में हत्या कर दी गई | हमलावर मिठाई के डिब्बे में हथियार लेकर आए थे | भगवा कपड़े पहने हमलावर मिठाई के डिब्बे में चाकू, कट्टा लेकर खुर्शीद बाग इलाके में स्थित तिवारी के दफ्तर में आए थे |

उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह ने बताया कि मिठाई का डिब्बा इस केस में सबसे अहम सुराग था | इसी मिठाई के डिब्बे को आधार बनाते हुए पुलिस की टीमें गठित की गई और जांच उत्तर प्रदेश से होते हुए गुजरात तक जा पहुंची | दरअसल, मिठाई का डिब्बा सूरत जिले की एक दुकान से जुड़ा था |

इस मामले में गुजरात में मौजूद उस मिठाई की दुकान के आस-पास के सीसीटीवी फुटेज की छानबीन से संदिग्ध फैजान यूनुस की पहचान की गई | फैजान नाम के शख्स ने मिठाई खरीदी थी | यूपी डीजीपी के मुताबिक रशीद पठान नाम का शख्स इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी है | यूपी पुलिस के डीजीपी ओपी सिंह ने शनिवार को लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इस मामले में अब तक तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है | ये तीनों इस हत्याकांड में शामिल रहे हैं | इनके नाम रशीद अहमद पठान, मौलाना मोहसिन शेख और फैजान है |

बता दें कि कमलेश तिवारी ने साल 2015 में पैगंबर मुहम्मद के खिलाफ विवादित बयान दिया था | इसे लेकर काफी हंगामा हुआ था, जिसके बाद कमलेश तिवारी की विवादित बयान देने के चलते गिरफ्तारी हुई थी | मुस्ल‍िम समाज ने कमलेश तिवारी को फांसी देने की मांग की थी | फिलहाल वह जमानत पर रिहा चल रहे थे | इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने अभी हाल ही में कमलेश तिवारी पर लगा राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) हटा दिया था |

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