प्रशासन ने कहा मत आएं, पर राहुल गांधी दल बल के साथ कश्मीर जाने के प्रोग्राम पर अड़े

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पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी आज विपक्ष मंत्रिमंडल के साथ कश्मीर के लिए दिल्ली से निकल चुके हैं। उनके साथ कांग्रेस नेता गुलाम नबी आज़ाद और दूसरी विपक्ष पार्टी के 9 नेता भी मौजूद होंगे। लेकिन उनका ये कश्मीर दौरा शुरू होने से पहले ही ख़त्म होता नज़र आ रहा है। मंत्रिमंडल की इस यात्रा पर जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने कहा है कि विपक्षी नेता कश्मीर ना आएं और सहयोग करें। विपक्षी नेता ने इस बयान पर सवाल उठाए हैं।

कश्मीर के राजयपाल सत्यपाल मालिक का निमंत्रण स्वीकार कर राहुल गाँधी आज कश्मीर यात्रा के लिए निकले हैं। सभी नेता दोपहर 12 बजे दिल्ली से रवाना हुए थे। हालाँकि जम्मू-कश्मीर प्रशासन का कहना है कि ‘नेताओं के दौरे से सुरक्षाकार्य में असुविधा होगी। हम लोगों को आतंकियों से बचाने में लगे हैं। प्रशासन ने ट्वीट कर कहा कि नेता उन प्रतिबंधों का भी उल्लंघन कर रहे होंगे, जो अभी भी कई क्षेत्रों में हैं। वरिष्ठ नेताओं को समझना चाहिए कि शांति, व्यवस्था बनाए रखने और नुकसान को रोकने के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।’ इसके साथ ही प्रशासन ने सभी नेताओ को श्रीनगर से बाहर न जाने देने की बात कही है। उन्होंने सुरक्षा पाबंदियों का हवाला देकर कहा है कि नेताओं के मंत्रिमंडल को श्रीनगर एयरपोर्ट से बाहर जाने की अनुमति नहीं होगी।

सरकार के समर्थन में नेता

कश्मीर प्रशासन के इस बयान पर विपक्ष नेताओं ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेता गुलाम नबी आज़ाद ने प्रशासन को जवाब दिया कि ‘हम कोई कानून तोड़ने नहीं जा रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि अगर कश्मीर में हालात सामान्य हैं तो फारूक अब्दुल्ला घर में नजरबंद क्यों हैं। सियासी नेताओं को घर से बाहर क्‍यों नहीं निकलने दिया जा रहा है। श्रीनगर रवाना होने से पहले हवाई अड्डे पर कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि हम कश्‍मीर जाकर सरकार की सहायता करना चाहते हैं। इसके साथ ही एनसीपी(NCP) के नेता माजिद मेनन ने ट्वीट कर कहा कि ‘हमारा उद्देश्य गड़बड़ी करना नहीं है, हम सरकार के विरोध में नहीं जा रहे हैं। हम सरकार के समर्थन में जा रहे हैं, ताकि हम भी सुझाव दें कि क्या किया जाना चाहिए।’ जनता दल (यूनाइटेड) के नेता शरद यादव ने कहा है कि अगर कश्मीर में हालात सामान्य मिलें तो अच्छी बात है। उन्होंने आगे कहा कि हमने पूरी जिंदगी देश की एकता और अखंडता के लिए ही राजनीति की है। वहीं नेताओ के दिल्ली से रवाना होने के कुछ समय बाद ही पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली का निधन हो गया। हवाई जहाज़ में विपक्ष नेताओं ने अरुण जेटली के निधन पर शोक प्रकट किया है।

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