Saturday, November 28, 2020

अब महेन्द्र सिंह धोनी ऑर्गेनिक पोल्ट्री की खेती करेंगे; 2000 ब्लैक ‘कड़कनाथ’ चिकन ब्रीड का दिया आर्डर

Must read

Farmers March: दिल्ली में आज किसानों का धरना, बॉर्डर सील, NCR इलाके में नहीं जाएगी मेट्रो

देश की राजधानी दिल्ली में आज और कल पंजाब और हरियाणा के किसानों का विशाल प्रदर्शन रहने वाला है। आपको बता दे की ये...

यहां जानिए आखिर क्या है लव जिहाद ?

लव जिहाद का मुद्दा अक्सर ही चर्चा में बना रहता है क्योंकि यह किसी राज्य, क्षेत्र या देश का मामला नहीं है बल्कि यह...

पटना : रिश्तेदार की बहन की शादी में शामिल होने गए वेटर का मर्डर, मास्क लगाकर आए थे अपराधी

पटना में रिश्तेदार की बहन की शादी में शामिल होने गए वेटर का अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी. मृतक की पहचान फुलवारीशरीफ...

Birthday spl : प्रिंस नरूला ने अपने बर्थडे पर पत्नी युविका संग किया रोमांटिक डांस, सोशल मीडिया पर वीडियो हुआ वायरल

अभिनेता प्रिंस नरूला आज अपना 30वां जन्मदिन मना रहे हैं। बिग बॉस विजेता प्रिंस नरूला और उनकी पत्नी युविका चौधरी अपने दोस्तों के साथ...

नई दिल्ली : क्रिकेट की दुनिया के दिग्गज महेंद्र सिंह धोनी अब पोल्ट्री फार्मिंग के कारोबार में उतर चुके हैं। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान ने एमएस धोनी ने रांची स्थित अपनी ऑर्गेनिक पोल्ट्री यूनिट्स में फार्मिंग करने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए उन्होंने 2 हजार से ज्यादा ब्लैक ‘कड़कनाथ’ चिकन ब्रीड मंगवा रहे हैं।

पोल्ट्री फॉर्म को यह ऑर्डर 15 दिसंबर तक पूरा करना है। बता दें कि मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले के थंडला ब्लॉक के रहने वाले विनोद मेधा को इसका ऑर्डर मिला है।

झाबुआ में कड़कनाथ दुर्गा अनुसंधान केंद्र के प्रमुख आईएस तोमर ने मीडिया से बातचीत में बताया कि धोनी सबसे पहले अपने साथियों के जरिए उनके पास पहुंचे थे। कड़कनाथ मुर्गे के मांस में GI टैग होता है। बता दें कि 2018 में छत्तीसगढ़ के साथ कानूनी लड़ाई जीतने के बाद झाबुआ ने इसके लिए GI टैग हासिल किया। इसका मांस काफी स्वादिष्ट माना जाता है।

झाबुआ मूल के कड़कनाथ मुर्गे को वहां के लोकल भाषा में काली मासी कहा जाता है। यह एक भारतीय प्रकार का चिकन है। इसकी स्किन से लेकर पंख तक का रंग ब्लैक होता है। कड़कनाथ प्रजाति के जीवित पक्षी, इसके अंडे और इसका मांस दूसरी कुक्कुट प्रजातियों के मुकाबले महंगी दरों पर बिकता है।

यह मूल रूप से धार और झाबुआ, मध्य प्रदेश, बस्तर (छत्तीसगढ़) और गुजरात और राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्र हैं, जो लगभग 800 वर्ग मील में फैला हुआ है। फैट कम होने से हार्ट और डायबिटीज रोगियों के लिए यह चिकन बहुत ही फायदेमंद माना जाता है।

- Advertisement -

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article

सपा के वरिष्ठ नेता ने कहा – लोकतन्त्र की आत्मा को कुचल रही है सरकार, जाने क्यों

बलिया : यूपी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामगोविन्द चौधरी ने कृषि बिल के खिलाफ दिल्ली जा रहे किसानों के साथ सरकार के व्यवहार को...

हरियाणा में प्रदर्शनकारी किसानों पर हत्या के प्रयास, दंगा करने के आरोप में किया केस दर्ज

नई दिल्ली : हरियाणा पुलिस ने भारतीय किसान संघ (BKU) की प्रदेश इकाई के प्रमुख गुरनाम सिंह चारूणी और अन्य किसानों पर ‘दिल्ली चलो’...

मुज़फ़्फ़रपुर : मैट्रिक और इंटर की 2021 में होने वाली परीक्षाओं को लेकर जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक

मुज़फ़्फ़रपुर : बिहार बोर्ड इंटरमीडिएट और मैट्रिक 2021 में होने वाली परीक्षाओं की तैयारियों को लेकर शनिवार को मोतीझील स्थित बीबी कॉलेज में जिला...

खराब हो गया है तेजस्वी यादव का मानसिक संतुलन : युवा JDU

बेगूसराय : विधानसभा में राजद नेता तेजस्वी यादव द्वारा मुख्यमंत्री पर किए गए बयानबाजी के विरुद्ध शनिवार को युवा जदयू के कार्यकर्ताओं ने बेगूसराय...

किसान की आय बढ़ाने वाला कानून सरकार कब ला रही है : अखिलेश यादव

लखनऊ : किसान आंदोलन (Farmer Protest) के प्रति सरकार के रवैए पर तीखी प्रतिक्रिया व्‍यक्‍त करते हुए समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और यूपी के...