ट्रेन और गूगल मैप के सहारे हुई कमलेश तिवारी की हत्या, नया मोड़

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कमलेश तिवारी हत्याकांड में नया मोड़ आया है । जांच में पता चला है कि हत्यारे वारदात को अंजाम देने के लिए ट्रेन से लखनऊ आए थे । लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन से कमलेश तिवारी के घर का पता पूछते हुए दोनों आरोपी गणेशगंज पहुंचे थे । इसके साथ ही उनकी इस प्लानिंग में गूगल काफी मददगार रहा । गूगल मैप की मदद से आरोपी कमलेश तिवारी के दफ्तर की लोकेशन तलाश कर खुर्शीदबाग पहुंचे थे ।

जानकारी के अनुसार हत्यारों ने गूगल की मदद से कमलेश तिवारी के बारे में जानकारी जुटाई थी । कई वेबसाइट खंगालने के बाद हत्यारे गूगल मैप से कमलेश तिवारी की लोकेशन ढूंढकर खुर्शीदबाग पहुंचे थे । वहीं आरोपियों की लोकेशन हरदोई से मुरादाबाद होते हुए गाजियाबाद में मिली है । जानकारी के मुताबिक कमलेश तिवारी की हत्या करने के बाद दोनों आरोपियों की लास्ट लोकेशन बरेली में थी । कुछ देर बरेली में रुकने के बाद दोनों आरोपी यहां से फरार हो गए थे ।

10 पुलिस टीमें कर रही तलाश

गौरतलब है कि दोनों आरोपी अशफाक और मोइनुद्दीन की गिरफ्तारी के लिए यूपी एसटीएफ, एटीएस समेत पुलिस की 10 टीमें जुटी हुई है । जांच के दौरान 3 मोबाइल नंबरो को खंगालते हुए पुलिस ने पाया कि उनमें से राजस्थान का एक नंबर 17 अक्टूबर को एक्टिवेट हुआ था । ये नंबर कानपुर देहात के एक टैक्सी चालक के नाम पर जारी किया गया है । वारदात के एक दिन पहले कातिलों ने रात करीब साढ़े 12 बजे कमलेश तिवारी को कॉल की थी । वहीं इस मामले में शनिवार सुबह मौलाना अनावरुल हक़ को गिरफ्त में लिया गया था । 2012 में ‘कमलेश का सिर लाने वाले को 51 लाख रुपए इनाम’ वाले उनके बयान को आधार बनाकर पूछताछ के लिए हिरासत में रखा गया था।

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