आखिर घुटने पर आया पाकिस्तान, कुलभूषण जाधव को बिना शर्त दी कॉउंसलर एक्सेस

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कई सालों से पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय नौसेना से सेवानिवृत कुलभूषण जाधव को सोमवार दोपहर कॉन्सुलर एक्सेस दिया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (International Court of Justice) के आदेशानुसार पाकिस्तान दोपहर 12 बजे कुलभूषण जाधव को कॉन्सुलर एक्सेस(Consular Access) देगा। विएना संधि के तहत कुलभूषण जाधव सोमवार दोपहर डिप्टी हाई कमिश्नर गौरव अहलूवालिया से मुलाकात करेंगे।

पाकिस्तान ने कुलभूषण जाधव(Kulbhushan Jadhav) को कॉन्सुलर एक्सेस को लेकर कुछ शर्तें रखी थीं, जिसे भारत ने मानने से साफ इनकार कर दिया था। शर्तों पर भारत की आपत्ति के बाद पाकिस्तान ने इन शर्तों को हटा लिया। इसके बाद भारत ने विएना संधि के मुताबिक कुलभूषण जाधव के लिए कॉन्सुलर एक्सेस को स्वीकारा है। इस एक्सेस में कुलभूषण जाधव 12 बजे से 2 घंटे के लिए पाकिस्तान में भारत के उप-उच्चायुक्त गौरव अहलूवालिया से मिलेंगे। इस एक्सेस को लेकर पाकिस्तान(Pakistan) के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने कहा है कि 49 साल के जाधव को ‘‘राजनयिक संबंधों पर विएना कन्वेंशन, अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत (ICJ) के फैसले और पाकिस्तान के कानूनों के अनुरूप’’ राजनयिक पहुंच उपलब्ध कराई जा रही है। कुलभूषण जाधव से अधिकारी सिर्फ 2 घंटे के लिए मिल पाएंगे। इसपर भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि ‘हमें उम्मीद है कि पाकिस्तान सही माहौल में स्वतंत्र, निष्पक्ष, सार्थक और अंतरराष्ट्रीय कोर्ट ऑफ जस्टिस के आदेशों की भावना के अनुरूप कॉन्सुलर एक्सेस में मदद करेगा।’ हालांकि विदेश मंत्रालय के मुख्य दफ्तर में होने वाली मीटिंग की जगह बदल दी गई है। तय जगह पर मीटिंग कराने की जगह अब दोनों को किसी अज्ञात जगह पर ले जाकर मुलाकात कराई जाएगी।

अप्रैल 2017 में मौत की सज़ा

गौरतलब है कि 1 अगस्त को पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने कहा था कि फांसी की सजा का सामना कर रहे भारतीय नौसेना के सेवानिवृत्त अधिकारी जाधव को अगले दिन दूतावास मदद मुहैया कराई जाएगी। हालांकि, जाधव को दूतावास मदद की शर्तों पर दोनों देशों के बीच मतभेदों की वजह से दो अगस्त को निर्धारित बैठक नहीं हो पाई थी। बैठक न होने के बाद से पाकिस्तान के इरादों पर सवाल उठने लगे थे। हालाँकि इसके बाद पाकिस्तान ने इस्लामाबाद के बयान पर दावा किया था कि वह भारत से संपर्क में है। बता दें कि भारतीय नौसेना से सेवानिवृत्त कुलभूषण जाधव पर पाकिस्तान की एक फौजी अदालत ने ‘जासूसी और आतंकवाद’ के इल्ज़ाम में अप्रैल 2017 में मौत की सज़ा सुनाई थी। हालांकि भारत(India) के दावे के अनुसार पाकिस्तान ने जाधव को ईरान(Iran) से अपहरण किया था। इस मुद्दे पर भारत ने अंतरराष्ट्रीय न्यायलय का भी रुख कर चुका है। अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (International Court of Justice) ने ही पाकिस्तान को विएना संधि के तहत कुलभूषण जाधव को कॉन्सुलर एक्सेस देने का आदेश दिया।

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