देश मे इकलौते अष्टमुखी पशुपति यहां विराजमान हैं, सावन में ज़रूर दर्शन कीजिए।

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मंदसौर के पशुपतिनाथ मंदिर में सावन के महीने में भक्तों का लगता है मेला | भारत में एकमात्र अष्ट मुखी पशुपतिनाथ की मूर्ति मंदसौर में है | जो विश्वस्तरीय आस्था का केंद्र है ।

भारत का एकमात्र अष्ट मुखी पशुपतिनाथ महादेव का मंदिर

भारत के एकमात्र अष्ट मुखी पशुपतिनाथ महादेव जो मध्यप्रदेश के मंदसौर में शिवना नदी के किनारे अपने भव्य रूप में विराजमान है | अष्ट मुखी महादेव की इस प्रतिमा में जीवन के कई रूप हैं जिसमें बाल्यकाल युवावस्था तथा प्रौढ़ावस्था के दर्शन होते हैं।

एक धोबी ने खोजा महादेव की प्रतिमा को

इस अलौकिक ऊर्जावान और अद्वितीय अष्ट मुखी प्रतिमा के इतिहास की बात करें तो कई साल पहले शिवना नदी में एक धोबी बड़े से पत्थर पर कपड़े धोता था | जिसके सपने में महादेव आए और कहा की मुझे जमीन से बाहर निकालो जब धोबी ने यह सपने वाली बात, बड़े बुजुर्गों को बताई तो लोगों ने शिवना नदी में जिस पत्थर पर धोबी कपड़े धोता था उसके आसपास की मिट्टी हटाई , तो देखा कि यहां साक्षात अष्ट मुखी महादेव की प्रतिमा थी। जिसे बाद में शिवना नदी के किनारे ही विराजित किया गया और यही बना भव्य पशुपतिनाथ मंदिर।

पूरे विश्व में भगवान पशुपतिनाथ की सिर्फ दो ही प्रतिमाएं है

पूरे विश्व में भगवान पशुपतिनाथ की सिर्फ दो ही प्रतिमाएं हैं, जिनमें से एक नेपाल में है| यह चौमुखी है, लेकिन मंदसौर में जो मूर्ति है वह अष्ट मुखी है और लगभग 8 फीट की है जिसका वजन लगभग 4 टन है। यहां देश-विदेश से श्रद्धालु अष्ट मुखी महादेव के दर्शन करने आते हैं यहां की मान्यता है कि जो भी सच्चे दिल से पुरे श्रद्धा से पशुपतिनाथ महादेव के दर्शन करता है उसकी हर मनोकामना पूरी होती है। अष्ट मुखी महादेव के दर्शन मात्र से भक्तों के जीवन में छाए सारे संकट दूर होते हैं और भोलेनाथ की कृपा जमकर बरसती है। यही बड़ी वजह है कि यहां सावन के महीने में दूर-दूर से लोग अष्ट मुखी महादेव के दर्शन करने आते हैं ।

 

 

प्रीत शर्मा कि रिपोर्ट

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