प्रियंका की एंट्री से पहले एग्ज़िट….

अंत में यह प्रियंका गांधी वाड्रा का नो-शो हुआ… ख़ूब क़यास लगे ख़बर छपी और संकेत दिया लेकिन प्रियंका ने ख़ुद अंत में कहा कि यदि उनकी पार्टी चाहती तो वह पीएम मोदी के खिलाफ वाराणसी से चुनाव लड़ती…
उनकी पार्टी में शीर्ष निर्णय लेने वाला उनका बड़ा भाई है, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, उनकी मां सोनिया गांधी भी भाई के साथ है, एक डिनर टेबल पर मामला तय किया गया….

लेकिन राहुल गांधी की ” सस्पेंस इज़ गुड ” टिप्पणी ने आख़िर अल्लाउद्दीन का चिराग़ घिसा और उसमें से अजय राय निकल कर आया….
वजह थी कि प्रियंका अगर मोदी को टक्कर देती तो राहुल कमज़ोर  हो जाते क्यूँकि टक्कर प्रियंका -मोदी की होती और प्रियंका हारती तो प्रियंका के राजनीतिक कैरीअर की शुरुआत हार से होती । ऐसे में कोई भी फ़ैसला ग़लत साबित होता…इसलिए प्रियंका को बनारस से वॉकआउट करना पड़ा….

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