योगी का कांग्रेस पर हमला, बोले शीर्ष नेतृत्व ‘गुपकार समझौते’ पर अपनी स्थिति करे स्पष्ट

लखनऊ :मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जम्मू-कश्मीर में ‘गुपकार समझौते’ को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से इस पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
 
मुख्यमंत्री योगी ने गुरुवार को यहां प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि जम्मू कश्मीर को लेकर कांग्रेस पार्टी का जो दोहरा रवैया है वह राष्ट्रीय एकता और अखंडता के साथ सीधे-सीधे खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा राष्ट्रीय अस्मिता के साथ खिलवाड़ किया और पार्टी प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से उन तत्वों को प्रोत्साहित करती रही, जो देश के अंदर अलगाववाद और अराजकता को बढ़ावा देते हैं। 
 
उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर के अंदर एक बार फिर से कांग्रेस का यह दोहरा चेहरा देश की जनता के सामने आया है। हालांकि एक भारत श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना को साकार नहीं होने देने के लिए कांग्रेस पार्टी ही जिम्मेदार है। जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 को छल से लागू करके जम्मू कश्मीर में न केवल अलगाववाद को बढ़ावा दिया गया बल्कि वहां के अलगाववाद से पूरे देश के अंदर आतंकवाद को भी प्रेरित और प्रोत्साहित किया गया। 
 
उन्होंने कहा कि देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का आभारी है, जिन्होंने गत 05 अगस्त 2019 को कश्मीर से अनुच्छेद 370 को समाप्त करते हुए अनुच्छेद 35ए के प्रावधान को भी समाप्त करते हुए एक भारत श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना को साकार किया। उन्होंने कहा कि कश्मीर में अनुच्छेद 370 न केवल देश के अंदर अलगाववाद और आतंकवाद का कारण थी बल्कि बल्कि जम्मू कश्मीर के विकास में भी बाधक थी। उसे हटाने के उपरांत जम्मू कश्मीर के कुछ नेताओं ने जो एक आपसी समझौता किया था, वह ‘गुपकार कन्वेंशन’ कहलाता है। इस पर हस्ताक्षर करने वाले लोगों में वहां के क्षेत्रीय दलों के साथ ही कांग्रेस पार्टी के नेता भी हैं। 
 
उन्होंने कहा कि पूर्व गृह मंत्री और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 की बहाली की बात बार-बार करते हैं। इसी तरह कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद भी इसी तरह का बयान देते रहे हैं। गुपकार समझौते के बारे में जो मीटिंग श्रीनगर के अन्दर अलग-अलग समय में हुई है, कांग्रेस के स्थानीय अध्यक्ष के साथ ही अन्य नेताओं की उपस्थिति वहां इस बात का स्पष्ट इशारा करती है कि वे लोग दिल्ली में कुछ और बात बोलेंगे और जम्मू-कश्मीर में कुछ और कार्य करेंगे। 
 
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को चाहिए कि गुपकार समझौते के बारे में वह अपनी स्थिति स्पष्ट करे। उन्होंने कहा कि अन्यथा उसका यह दोहरा चरित्र न केवल देश की सुरक्षा व सम्पदा के लिए खतरा खतरनाक संकेत कर रहा है बल्कि पूरी कांग्रेस पार्टी को ही कटघरे में खड़ा कर रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी से देश इसका जवाब मांगता है। उसका शीर्ष नेतृत्व अपनी स्थिति स्पष्ट करे कि अनुच्छेद 370 के बारे में कांग्रेस की क्या राय है।
 
उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में नेता पहले एक दूसरे पर आरोप लगाते थे कहते थे कि जम्मू कश्मीर के लिए आने वाली धनराशि वहां के राजनेता डकार जाते हैं। इनके बच्चे विदेश में पढ़ते हैं। लेकिन, वहां के विकास के लिए जाने वाली धनराशि को नेता अपने फिजूल खर्च और अन्य कार्यों में खर्च करते थे। पहली बार हुआ है, जब अनुच्छेद 370 को हटाने के बाद  जिला परिषद, ग्राम पंचायतों के माध्यम से विकास की प्रक्रिया से सब को जोड़ने का प्रयास हो रहा है। इन नेताओं का बयान इसी बौखलाहट का परिणाम है, क्योंकि अगर विकास हो जाएगा तो लोग अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होंगे, विकास के प्रति आवाज उठाएंगे। 
 
इसीलिए ये लोग आपस में एक नापाक गठबंधन जम्मू कश्मीर के अंदर बनाकर ‘गुपकार समझौते’ के माध्यम से उन अलगाववादी तत्वों को प्रेरित व प्रोत्साहित कर रहे हैं। जिस प्रकार के खतरनाक बयान फारूक अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती और अन्य अलगाववादी नेताओं के आए हैं। गुपकार समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले इन सभी नेताओं के बयान के साथ कांग्रेस का जुड़ना बेहद खतरनाक संकेत है। 
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि खासतौर पर तब जब हमारे बहादुर जवान जम्मू कश्मीर के अंदर आतंकवाद के सफाये की लड़ाई को मजबूती से लड़ रहे हों, इन परिस्थितियों में भारत के आंतरिक मामले में भारत के दुश्मन देशों से मदद लेने की बात करना, यह क्या साबित करता है और कांग्रेस पार्टी को इसके लिए अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी कि गुपकार समझौते के साथ उनके नेताओं का जुड़ाव किस स्तर का है। उनके साथ मिलकर के स्थानीय स्तर पर जो गठजोड़ किए जा रहे हैं आखिर वह किस प्रकृति का है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व को इस बात को भी स्पष्ट करना होगा कि गुपकार समझौते की आड़ में राष्ट्र की सुरक्षा और संप्रभुता के साथ किए जा रहे खिलवाड़ को आखिर कांग्रेस का नेतृत्व कैसे बर्दाश्त कर रहा है।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुपकार समझौता दरअसल, देश की अखण्डता को समाप्त करने की शरारतपूर्ण साजिश है। समझौते में शामिल लोग नहीं चाहते की जम्मू कश्मीर में विकास हो, स्थानीय निकाय समृद्ध हों, वहां के लोग अपने अधिकारों के लिए जागरूक हों, उन्हें भी देश के अन्य हिस्सों की तरह बेहतर बुनियादी सुविधाएं मिलें। क्योंकि अगर ऐसा हो गया तो उन अलगाववादी विचारों का अस्तित्व ही खत्म हो जाएगा जिनको अपने हित में ये लोग लगातार खाद-पानी देते रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में इन कुत्सित प्रयासों को कतई सफल नहीं होने दिया जाएगा।

 

Related Articles

Back to top button