तीन तीन डिप्टी सीएम के बाद भी हैरान परेशान येदियुरप्पा, उठ रही है हिस्से की मांग

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कर्नाटक में कांग्रेस ने गठबंधन टूटने के बाद भी सरकार बना तो ली मगर मंत्रीपद नहीं मिलने से पार्टी के कई विधायक नाखुश हैं। बीएस येडियुरप्पा ने सरकार बना तो ली मगर उन्हें मजबूरन एक नहीं, बल्कि तीन डिप्टी सीएम बनाने पड़े। येडियुरप्पा ने तीन डिप्टी सीएम समेत 17 नए मंत्रियों को विभाग भी सौंप दिए हैं।

लक्ष्मण सावदी, गोविंद एम करजोल और अश्वथ नारायण को डिप्टी सीएम बनाया गया है। ऐसे में जिन विधायकों को मंत्रीपद नहीं दिया गया, उनकी नाराज़गी भी सामने आने लगी है। येदियुरप्पा कैबिनेट में लिंगायत समुदाय से 7, ओबीसी से 2, ब्राह्मण समाज से एक, वोक्कालिगा समुदाय से 3 और एससी-एसटी समुदाय से 4 लोगों को मंत्री बनाया गया है। मुख्यमंत्री बीएस येडियुरप्पा लिंगायत समुदाय से आते हैं। उन्हें लेकर सरकार में 8 लोग लिंगायत समुदाय से हो गए हैं। मंत्रीपद नहीं मिलने पर वोक्कलिगा नेता और चिकमगलुर से विधायक सीटी रवि ने कई ट्वीट्स किए और पार्टी के प्रति अपनी नाराज़गी जाहिर की। वहीं ईश्वरप्पा के समर्थक उन्हें डिप्टी सीएम नहीं बनाए जाने से काफी नाराज हैं। उनका कहना है कि ये उनके नेता का ‘अपमान’ है। ईश्वरप्पा के समर्थकों ने इशारों-इशारों में येडियुरप्पा सरकार को इसकी कीमत चुकाने की चेतावनी भी दी है। वहीं, सीटी रवि के समर्थक अपने नेता को दरकिनार कर अश्वथ नारायण को डिप्टी सीएम बनाए जाने के फैसले का विरोध कर रहे हैं।

वहीं चार बार के विधायक सीटी रवि को बिना पोर्टफोलियो की मांग के ही विभाग दे दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने कभी कोई पोर्टफोलियो की मांग नहीं रखी थी। लेकिन, उन्हें टूरिज्म मिनिस्ट्री के साथ साथ कन्नड़ और कल्चर विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। रवि आगे बताते हैं, ‘मैंने कभी कोई मंत्रीपद नहीं मांगा। मैं पार्टी के साथ और पार्टी के लिए काम करना चाहता हूं। जब बीजेपी के नए प्रदेश अध्यक्ष शपथ ले लेंगे, तब मैं उनके साथ अपनी बात रखूंगा।’ सोमवार देर रात किए गए ट्वीट्स में सीटी रवि ने अपनी नाराज़गी भी जाहिर की। उन्होंने ट्वीट किया- ‘न तो मैं असंतुष्ट हूं और न ही बागी। मेरी वफादारी सिर्फ बीजेपी के प्रति है। लेकिन मैं अपने सिद्धांतों के प्रति भी उतना ही वफादार और प्रतिबद्ध हूं। अगर मेरा अभिमान आहत होगा, तो मेरे अंदर का योद्धा बाहर आएगा और चीजों का सामना करेगा।’ बता दें कि येडियुरप्पा के सीएम बनने के बाद बीजेपी ने अब नलिन कुमार कटील को नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया है।

कर्नाटक सरकार के पोर्टफोलियो बांटने को लेकर सिर्फ बीजेपी नेता ही नहीं, बल्कि जेडीएस-कांग्रेस विधायक भी काफी असंतुष्ट है। गौरतलब है कि मोलकलमुरु विधायक और दलित नेता बी. श्रीरामालु को लेकर सोशल मीडिया पर कैंपेन भी चलाया जा रहा है। समर्थकों की माने तो दलित समुदाय के जाने-माने नेता होने की वजह से श्रीरामालु को ही डिप्टी सीएम पद मिलना चाहिए। बहरहाल, राज्य में सुचारु रूप से सरकार चलाने के लिए बीजेपी सरकार को इन सभी विधायकों के असंतोष को ख़त्म करने का उपाय निकालना होगा।

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