आज़म खान के बाद अब अखिलेश यादव को मिला नोटिस , जानें क्या है पूरा मामला

अखिलेश यादव ने 29 सितंबर को चुनाव आयोग पर यूपी चुनाव में गड़बड़ी करने का आरोप लगाया था. सपा के राष्ट्रीय सम्मेलन में अखिलेश यादव ने आर लगाते हुए कहा था कि

समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार को चुनाव आयोग पर हमला बोल दिया. उन्होंने कहा ‘चुनाव आयोग ने अगर खुद विधानसभा चुनाव कि 2022 में मतदाता सूची संबंधी नियमों का पालन किया होता तो हजारों मतदाता वोटिंग से वंचित नहीं रह जाते.

 

अखिलेश यादव ने कहा, ‘ बीजेपी सरकार द्वारा विपक्ष की आवाज को दबाने की साजिश की जाती है. चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से हों, चुनाव आयोग का यह संवैधानिक दायित्व है. बिना किसी डर या लालच के प्रशासकीय तंत्र के दबाव से परे मतदान की प्रक्रिया सुनिश्चित करना भी चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है. ‘

 

उन्होंने पूछा कि 2022 के विधानसभा चुनाव से संबंधित तमाम शिकायतों और ज्ञापनों का संज्ञान चुनाव आयोग द्वारा क्यों नहीं लिया गया।

 

चुनाव आयोग ने 10 नवंबर तक मांगे हैं सबूत

 

चुनाव आयोग ने अखिलेश यादव को 27 अक्टूबर को नोटिस जारी किया है. आयोग ने अखिलेश यादव से यूपी में हर विधानसभा सीट पर मतदाता सूची से यादव और मुस्लिम समुदाय के लगभग 20,000 मतदाताओं को कम करने के आरोप को प्रमाणित करने के लिए सबूत पेश करने के लिए कहा है. अखिलेश यादव को 10 नवंबर तक सबूत पेश करने के लिए कहा गया है.

 

अखिलेश ने आयोग पर लगाए हैं ये आरोप

 

अखिलेश यादव ने 29 सितंबर को चुनाव आयोग पर यूपी चुनाव में गड़बड़ी करने का आरोप लगाया था. सपा के राष्ट्रीय सम्मेलन में अखिलेश यादव ने आर लगाते हुए कहा था कि चुनाव आयोग ने बीजेपी और उसके पन्ना प्रमुखों के निर्देश पर लगभग हर विधानसभा सीट पर यादवों और मुसलमानों के कम से कम 20,000 दबदबा है

 

मैं पहले भी कह चुका हूं मैं इसे फिर से कहूंगा कि अगर जांच होती है तो पता चलेगा कि हमारे 20,000 वोट खारिज कर दिए गए और कई लोगों के नाम हटा दिए गए. कुछ लोगों को एक बूथ से दूसरे बूथ पर ट्रांसफर कर दिया गया.

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