Friday, December 4, 2020

पर्यटन सचिव, डीएम नैनीताल व टूरिज्म बोर्ड याचिकाकर्ता के साथ करें बैठकः हाईकोर्ट

Must read

चिराग़ पासवान ने फिर की भविष्यवाणी….

बिहार (Bihar) में भले ही फिर से नीतीश कुमार की अगुवाई में सरकार बन गई हो लेकिन एनडीए सरकार की स्थिरता को लेकर चर्चा...

बिहार सरकार का बड़ा आदेश, बैंड-बाजों के साथ बारात निकालने की अनुमति, विवाह में 150 लोग हो सकते हैं शामिल

बिहार में कोरोना संकट को देखते हुए कई नियम बनाए थे, जिसमें आने वाले दिनों में शादियों में अधिक भीड़ न लगे इसके लिए...

कार्तिक पूर्णिमा पर कोरोना की फिक्र नहीं, पटना के गंगा घाट पर उमड़ी भीड़

देश के कई राज्यों में कोरोना की वापसी और बिहार में संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार और प्रशासन लगातार लोगों से...

रजनीकांत जनवरी में शुरू करेंगे अपनी राजनीतिक पार्टी, 31 दिसंबर को होगा ऐलान

चेन्नई : तमिल सुपरस्टार रजनीकांत आगामी वर्ष जनवरी 2021 में अपनी राजनीतिक पार्टी का शुभारम्भ करेंगे। उन्होंने तमिल में किये एक ट्वीट में कहा...

नैनीताल। नैनीताल हाईकोर्ट ने टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड, राज्य सरकार की ओर से रानीबाग से नैनीताल के लिए प्रस्तावित रोपवे मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद पर्यटन सचिव, जिला अधिकारी नैनीताल और टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड को रोपवे के निर्माण मामले में याचिकाकर्ता के साथ आपस में चर्चा कर हल निकालकर रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने को कहा है।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवि कुमार मलिमठ एवं न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार पर्यावरणविद् प्रो.अजय रावत ने याचिका में कहा था कि रानीबाग से नैनीताल के लिए रोपवे का निर्माण प्रस्तावित है। याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए कहा किसी पार्क का लैंड यूज (भूमि उपयोग) को परिवर्तित नहीं किया जा सकता है। रोपवे के लिए प्रयोग में लाए जाने वाला हनुमानगढ़ और मनोरा पीक क्षेत्र खासा संवेदनशील है। पूर्व में जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया ने भी माना कि यहां 98 फीसदी रेत और 2 फीसदी शार्टेड रॉक्स है। जीएसआई ने भी निर्माण के खिलाफ रिपोर्ट दी थी। याचिकाकर्ता का कहना था कि हनुमानगढ़ क्षेत्र जलागम क्षेत्र है। इसके एक ओर संवेदनशील बलियानाला तो दूसरी ओर निहाल नाला है। जहां बीते वर्षों में लगातार भू-स्खलन हो रहा है। इसलिए यहां किसी भी प्रकार का निर्माण नहीं किया जा सकता। याचिका में कहा कि नैनीताल के बड़े क्षेत्र के स्वामी साह लोगों की नैनीताल में मुख्य तीन रियासतें थी। इसमें से दुर्गापुर, कृष्णापुर और अमृतपुर शामिल हैं। दुर्गापुर और कृष्णापुर आज भी अस्तित्व में है, लेकिन अमृतपुर को शायद लोग जानते भी नहीं। भू-स्खलन आदि कारणों से यह रियासत खत्म हो गई।

- Advertisement -

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article

Bollywood : अमिताभ बच्चन और अजय देवगन स्टारर फिल्म ‘मेडे’ में अंगिरा धर की हुई एंट्री

अमिताभ बच्चन व अजय देवगन स्टारर फिल्म 'मेडे' की हाल ही में घोषणा हुई थी। फिल्म में ये दोनों अभिनेता लीड रोल में है।...

Bollywood : कंगना रनौत का बड़ा बयान- दिलजीत दोसांझ को बताया करण जौहर का पालतू

फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत के लिए चर्चा में रहना कोई नई बात नहीं है। अपने बेबाक बयानों के कारण जानी जाने वाली कंगना हर...

Farmers protest : चौथे दौर में भी नहीं बनी बात, किसानों से सरकार की फिर होगी बात

नई दिल्ली : नए कृषि कानूनों की मुखालफत कर रहे किसानों ने सरकार के साथ वार्ता के दौरान ऑफर किया गया न खाना खाया...

MLC चुनाव उत्तर प्रदेश 2020 ग्राउंड जीरो से

उत्तर प्रदेश में हो रहे हैं 11 सीटों पर एमएलसी चुनाव के नतीजे आखरी दौर में चल रहे हैं 11 सीटों पर आखिरी राउंड...

किसानों पर शर्मनाक बल प्रयोग के लिए भारत सरकार माफी मांगे- रामगोविन्द चौधरी

- आंदोलन में प्राणों की आहुति देने वाले किसानों को दे शहीद का दर्जा - कृषि सम्बन्धी नए काले कानूनों को तत्काल ले वापस - MSP...