श्रीलंका अपनी सेना की ताकत कर देगा आधा, क्या होगा इसका असर

आर्थिक संकट से मुक्ति को सात साल में सेना की ताकत आधी करेगा श्रीलंका

कोलंबो (हि.स.)। भीषण आर्थिक संकट से जूझ रहा श्रीलंका अगले सात साल में सेना की ताकत को आधा कर देगा। श्रीलंका की सरकार ने इस घोषणा के साथ वर्ष 2030 तक तकनीकी और सामरिक रूप से मजबूत और संतुलित रक्षा बल तैयार करने की बात कही है।
श्रीलंका की सरकार ने वर्ष 2023 के लिए प्रस्तावित बजट में रक्षा क्षेत्र के लिए 539 अरब रुपये का आवंटन किया था। इसके विपरीत स्वास्थ्य और शिक्षा के लिए 300 अरब रुपये आवंटित किये गए हैं। पिछले 75 वर्ष में सबसे खराब आर्थिक संकट का सामना कर रहे श्रीलंकाई सरकार को इस बजट आवंटन पर आलोचना का शिकार होना पड़ा। कहा गया कि सरकार ने शिक्षा और स्वास्थ्य की तुलना में रक्षा क्षेत्र पर अधिक खर्च करने का फैसला लिया है। इस आलोचना के बीच श्रीलंका ने अगले सात वर्षों में सेना की मौजूदा ताकत को घटाकर आधा करने की घोषणा की है।
श्रीलंका के रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा है कि वर्ष 2030 तक श्रीलंका के सैन्य बलों की संख्या को घटाकर एक लाख के आसपास लाया जाएगा, जो इस समय दो लाख के आसपास है। बयान में अगले साल ही इस संख्या बल को 1,35,000 तक सीमित करने की बात कही गयी है। श्रीलंका के रक्षा मंत्री प्रमिथ बंडारा टेनाकून ने श्रीलंकाई सेना की अगले सात वर्षों की योजना का रणनीतिक खाका जारी करते हुए कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य आगामी सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए वर्ष 2030 तक तकनीकी और सामरिक रूप से मजबूत और संतुलित रक्षा बल तैयार करना है।

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