ऐसा क्या हुआ की सोनिया गांधी ने लगाई नेताओ की क्लास



राजीव खन्ना के अनुसार कौन अध्यक्ष बनेगा और कौन नहीं बनेगा यह कांग्रेस का अंदरूनी मामला है अगर हम स्वतंत्रा के बाद की बात करे तो कांग्रेस एक लोकतांत्रिक पार्टी रह चुकी है । चुनाव की प्रतिक्रया की बात करे तो यह कांग्रेस का अंदरूनी मामला है । उनका कहना है की भाजपा या अन्य पार्टी के लिए मोका होगा वह कह सकते है की राहुल गांधी अपनी जिम्मेदारी से पीछे हट रहे है या रिमूट कंट्रोल चाहते है ये पार्टी के अंदर ही सुलझाने चाहिए ।



राजीव खन्ना का कहना है की पहला समस्याओ को लेकर यह महत्वपूर्ण यात्रा है जिसमे आजकल का जीवन लोगो के लिए बहुत मुश्किल हो गया है अब लोगो को उन सब मुश्किलो उपाय चाहिए अब देखना है की कांग्रेस क्या करती है । दूसरा कांग्रेस के खुद के लिए भी महत्वपूर्ण होगा क्योकि राजीव गांधी 89 का चुनाव हार जाने के बाद फिर उन्होंने जिस तरह देश का भ्रमण किया था यह देश के लिए बूरी किस्मत है की उन्हें फिर मौका नहीं प्राप्त हुआ । राजीव खन्ना के अनुसार अगर उन्हें मौका मिलता बल्कि पहले समय के परिष्कृत नेता सामने आते वही कांग्रेस के लिए और राहुल गांधी के लिए इस समय विश्वास बहुत महत्वपूर्ण है ।




राजीव खन्ना खूद भी मानते है की कांग्रेस का नेतृत्व और ग्राउंड कनेक्ट में बहुत अंतर होता है । यह पार्टी के लिए अच्छा होगा अगर वह ग्राउंड कनेक्ट पूरे देश में बनाती है । उनके अनुसार राजनीती कभी नहीं बदली गई हार-जीत चलती रहती है लेकिन एक पार्टी, राजनीतिज्ञ के लिए यह महत्वपूर्ण होता है । अगर वह लोगो के बीच जाकर उनकी परेशानी समझे की लोगो को कितनी मेहनत करनी पड़ती है छोटी-छोटी वस्तुओ के लिए यह जानकर राजनीती में चलती है बल्कि यह नेतृत्व की समता को भी तेज़ करती है ।



राजीव खन्ना के अनुसार कांग्रेस के नेतृत्व का नीचे हो रही है जिसे दूर करना कांग्रेस के लिए बहुत महत्वपूर्ण है ।

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