कल देर से आएंगे चुनाव नतीजे, पर विपक्ष कुछ और भी चाहता था!

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लोकसभा चुनावो में विपक्ष लगातार ईवीएम में गड़बड़ी की बात सामने रख रहा है | विपक्ष ने चुनाव आयोग से मिलकर वीवीपैट की पर्चियों का मिलान उच्चतम न्यायालय के आदेश के मुताबिक करने एवं कई स्थानों पर स्ट्रांगरूम से ईवीएम के कथित स्थानांतरण से जुड़ी शिकायतों पर कार्रवाई की मांग की। पर चुनाव आयोग ने विपक्ष की मांग खारिज करते हुए मतदान की प्रक्रिया में किसी भी तरह की फेरबदल करने से साफ़ इनकार कर दिया है | हालांकि सुप्रीम कोर्ट के फैसले का पालन करने के चलते नतीजे आने में पहले के मुकाबले कई घंटों की देरी हो सकती है | चुनाव आयोग अब पुरानी मतगणना प्रक्रिया का ही पालन करेगा | विपक्ष की मांग खारिज कर दी गई है, लेकिन एक चरण से दूसरे चरण के नतीजे आने में अब भी देरी होगी | जैसे विधान सभा चुनावों की बात करे तो वहां से भी नतीजे आने में कुछ देर हुई थी | उसकी वजह ये है कि चुनाव आयोग का दिशानिर्देश पहले से मौजूद है | इन दिशा-निर्देशों के मुताबिक एक चरण की प्रक्रिया खत्म होने के बाद ही दूसरे चरण की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है | फिर अगले चरण की ओर इसी प्रक्रिया के तहत गिनती पूरी की जाएगी | एक चरण की प्रक्रिया पूरी होने का मतलब ये होता है कि मशीनों के आंकड़ें तो निकाले ही जाएंगे, उनका जोड़ करके सेंट्रल टेबल पर उन सभी लोगों के हस्ताक्षर करा लेने के बाद ही उस चरण की प्रक्रिया पूरी हो सकेगी | हर चरण में इस प्रक्रिया को दोहराया जाएगा |

चुनाव आयोग के द्वारा वीवीपैट को लेकर दिए गए फैसले पर लेफ्ट नेता सीताराम येचुरी ने सवाल उठाए हैं | उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग का ये फैसला सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ है | यदि चुनावी प्रक्रिया की अखंडता के लिए इस प्रक्रिया को इतना लंबा खींचा गया है, तो चुनाव आयोग पहले नमूने के परीक्षण के मूल सिद्धांत का पालन क्यों नहीं कर रहा है? उन्होंने लिखा कि वीवीपैट की पर्चियों का मिलान भी सुबह वोटों की गिनती के साथ शुरू होनी चाहिए | अगर ऐसा नहीं होता है, तो लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति बिगड़ सकती है |

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