दो घण्टे तक भारतीय अधिकारियों से मिले कुलभूषण जाधव, अज्ञात जगह पर हुई मुलाकात

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कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान की तरफ से कॉन्सुलर एक्सेस दिया गया। पाकिस्तान में तीन साल की गिरफ़्तारी के बाद मिले पहले कॉन्सुलर एक्सेस में कुलभूषण जाधव की मुलाकात भारतीय डिप्टी हाई कमिश्नर(Deputy High Commissioner) गौरव अहलूवालिया से कराई गई। साढ़े 12 बजे से शुरू हुई इस मुलाकात का समय 2 घंटे तय किया गया था। मुलाकात की जगह पाकिस्तान द्वारा अज्ञात रखी गई है।

पाकिस्तान की एक उपजेल में सोमवार दोपहर करीब ढाई बजे तक चली इस मीटिंग की जगह आखिरी वक़्त पर इस्लामाबाद के विदेश मंत्रालय दी गई थी। नई जगह के बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं दी गई है। इसके साथ ही मीटिंग में हुई बातें भी अभी गोपनीय रखी गई हैं। मिली जानकारी के अनुसार 2 घंटे की इस मीटिंग के दौरान गौरव अहलूवालिया(Gaurav Ahluwalia) ने कुलभूषण जाधव से जेल में उनके साथ व्यवहार के बारे में पूछा। इसके साथ ही पाकिस्तान में हो रही दिक्कतों, मांग या फिर आगे की रणनीति के बारे में भी बातचीत की।

क्या है कॉन्सुलर एक्सेस?

विएना संधि (VCCR) के आर्टिकल 36 (1) (बी) के अनुसार, अगर किसी देश (A) के नागरिक को किसी दूसरे देश (B) में गिरफ्तार किया जाता है, तो देश B को बिना देरी किए वीसीसीआर के अधिकारों के तहत उस देश A को जानकारी देनी होगी। इसमें देश A के अधिकारियों को जानकारी देना और उनसे मदद लेना शामिल है। इसे कॉन्सुलर एक्सेस कहते हैं। देश B को देश A के दूतावास या उच्चायोग को ये जानकारी देना जरूरी है कि उन्होंने देश A के नागरिक को गिरफ्तार इन कारणों से गिरफ्तार किया है। आर्टिकल 36(1)(सी) में कहा गया है कि देश A के अधिकारियों को उस देश में सफर करने का अधिकार है जिस देश में उनके नागरिक को गिरफ्तार किया गया है। इस संधि के तहत हिरासत में लिए व्यक्ति को कानूनी सहायता देने का भी प्रावधान है। विएना संधि के तहत ही अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (International Court of Justice) ने पाकिस्तान को कुलभूषण जाधव के लिए Consular Access देने का आदेश दिया।

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