जयराम ठाकुर ने राज्य विधानसभा में निलम्बित विपक्ष के नेता को लेकर कही ये बात

हिमाचल के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने राज्य विधानसभा में निलम्बित विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री समेत कांग्रेस के पांच सदस्यों की बहाली के बाद कहा है कि संवाद ही विवाद का हल है।
ठाकुर ने सदन से बाहर मीडियाकर्मियों से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि विपक्ष ने गतिरोध समाप्त करने के लिए पहल की और सदन ने इसे स्वीकार किया। उन्होंने कहा “हमारा किसी से कोई व्यक्तिगत मतभेद नहीं है। सदन में सार्थक चर्चा हो इसलिये यह आवश्यक है। संवाद ही विवाद का हल होता है “।
सदन में पेश हुए आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड के चलते देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नुकसान हुआ है। अब अर्थव्यवस्था पटरी पर लौट रही है लेकिन इसमें सुधार होने में कुछ समय लगेगा। उन्होंने कहा कि भांग की खेती को कानूनी मान्यता देने के विस्तृत विचार की आवश्यकता है। कई देशों में इसे कानूनी मान्यता दी गई है। देश की अर्थव्यवस्था और दवा बनाने में इसका महत्वपूर्ण योगदान हो सकता है। इस पर विचार करने की आवश्यकता है।

वहीं, विपक्ष और कांग्रेस विधायक दल के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने गतिरोध समाप्ति के बाद कहा कि सदन को सरकार अकेले नहीं चला सकती। विपक्ष सदन की आत्मा है उसके बिना सदन नहीं चल सकता। आज मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष से उनकी बातचीत हुई जिसके बाद निलम्बन वापिस हुआ। उन्होंने कहा कि विपक्ष जनता के मुद्दों को सदन में जोरशोर से उठाएगा।

उल्लेखनीय है कि गत 26 फरवरी को बजट सत्र के पहले दिन ही राज्यपाल के अभिभाषण के बाद कांग्रेस के उक्त सदस्यों द्वारा राज्यपाल का घेराव किये जाने की घटना के बाद इन्हें पूरे सत्र के लिये निलम्बित कर दिया गया था। श्री अग्निहोत्री के अलावा पार्टी के अन्य सदस्य सुंदर ठाकुर, विनय कुमार, हर्षवर्धन चैहान और सतपाल रायजादा थे।

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