जनसंख्या कम होने से तनाव में इस्लामिक देश:ईरान में प्रजनन दर कम,

 

 

 

ईरान प्रजनन दर में भारी गिरावट का सामना कर रहा है। इसलिए सरकार ने यहां शादियों को बढ़ावा देने के लिए ‘मैचमेकिंग एप’ लॉन्च किया है।

अब मैचमेकिंग पर जोर, पश्चिमी देशों की तरह डेटिंग पर है पाबंदी

ईरान प्रजनन दर में भारी गिरावट का सामना कर रहा है। इसलिए सरकार ने यहां शादियों को बढ़ावा देने के लिए ‘मैचमेकिंग एप’ लॉन्च किया है। यह एप उपयोगकर्ता की पहचान सत्यापित करने के बाद उसकी मनोवैज्ञानिक अनुकूलता का टेस्ट करता है। फिर युवाओं को शादी के लिए साथी की तलाश की सलाह देता है।

अधिकारियों के मुताबिक, इस एप का नाम ‘हमदम’ है। इसे सरकार के इस्लामिक सांस्कृतिक निकाय ने बनाया है। यह एप संभावित जोड़ों, उनके परिवारों को मैचिंग और परामर्श सेवाएं प्रदान करता है। इसके साथ ही शादी के चार साल बाद तक जोड़े के संपर्क में रहता है। ईरान में इस्लामी कानून के तहत पश्चिम शैली की डेटिंग पर पाबंदी है। लेकिन कई युवा पारंपरिक तरीके विवाह करना पसंद नहीं करते। ईरानी महिलाओं में प्रजनन दर पिछले 4 साल में 25% कम हुई है। यहां प्रजनन दर प्रति महिला 1.7 बच्चे हैं। ईरान ने एक दशक पहले अपनी परिवार नियोजन नीतियों को उलटना शुरू कर दिया था। इससे देश में गर्भनिरोधक प्राप्त करना कठिन हो गया था।

2014 में ईरान में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खमेनेई ने एक आदेश में कहा था कि जनसंख्या को बढ़ावा देने से राष्ट्रीय पहचान मजबूत होगी। पश्चिमी जीवन शैली के अवांछित पहलुओं से मुकाबला किया जा सकेगा। इसके बाद ईरानी संसद ने शादियों और बच्चों के जन्म को प्रोत्साहित करने के लिए कर्ज और अन्य वित्तीय प्रोत्साहन दिए।

 

 

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