दबंगई के चलते कोर्ट ने पीलीभीत के विधायक सहित 16 नामजद व 40 अज्ञात के खिलाफ दर्ज करवाई FIR

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  • कोर्ट ने दिए बीजेपी विधायक सहित 16 नामजद व 40 अज्ञात के खिलाफ FIR दर्ज करने के आदेश,
  • कोर्ट ने 15 दिन के अंदर FIR दर्ज कर कॉपी कोर्ट को उपलब्ध कराने को कहा,
  • विधायक और उनके समर्थकों पर DM के गनर से मारपीट करने का है आरोप,
  • बीते 12 सितंबर की थी घटना,
  • पीलीभीत की बरखेड़ा विधान सभा से विधायक है किशन लाल राजपूत,

पीलीभीत के बरखेड़ा विधानसभा से भाजपा विधायक किशनलाल राजपूत, उनके भांजे ऋषभ समेत 16 नामजद और 40 अज्ञात समर्थकों पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश कोर्ट ने दिया है। डीएम के गनर रहे मोहित गुर्जर की ओर से दाखिल किए गए प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के बाद विशेष न्यायाधीश (एमपी/एमएलए) विवेक कुमार ने सुनगढ़ी पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करके 15 दिन के भीतर एफआईआर की कॉपी न्यायालय भेजने को कहा है |

मुजफ्फरनगर के कटिया गांव निवासी सिपाही मोहित कुमार गुर्जर ने प्रार्थना पत्र में बताया है कि उसकी तैनाती डीएम पीलीभीत के गनर के तौर पर थी। उसी दौरान उसने एक बाइक राहुल नाम के युवक से परिचित निरंजनकुंज कॉलोनी निवासी पुनीत गंगवार के माध्यम से खरीदी थी। कई बार कहने के बाद भी जब उसके नाम पर कागजात ट्रांसफर नहीं कराए तो उसने राहुल को बाइक वापस कर दी।12 सितंबर (2019) की रात राहुल ने पीड़ित को रुपये लौटाने के लिए नवीन मंडी समिति गेट के पास बुलाया। इस पर मोहित अपने परिचित पुनीत गंगवार के साथ वहां पहुंचा। मौके पर राहुल के साथ विधायक बरखेड़ा किशनलाल राजपूत का भांजा रामअवतार उर्फ ऋषभ और अन्य लड़के भी मौजूद थे |

रुपये वापस मांगने पर ऋषभ ने राहुल का पक्ष लेते गालियां देते हुए पीटना शुरू कर दिया। इसके बाद ऋषभ ने जानलेवा हमले के लिए फायर भी किया। इसके बाद उन्होंने उसकी सोने की चेन और पर्स छीन लिया। किसी तरह जान बचाकर वह (मोहित) असम रोड पुलिस चौकी पहुंचा। पीछे से हमलावर भी आ गए। फोन कर विधायक किशनलाल राजपूत को भी चौकी बुला लिया। सभी ने मारपीट की। ऋषभ ने चौकी परिसर में ही गला दबाकर जान लेने की कोशिश की। अधिकारी-पुलिसकर्मी विधायक की हनक के चलते के बेबस बने रहे।

वही आरोप है कि मारपीट के बाद सत्ता के दबाव में उसके खिलाफ झूठी एफआईआर दर्ज कराकर मोहित को जेल भेज दिया। वहीं उसकी ओर से दी गई तहरीर पर उसके ही विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। एसपी को 26 सितंबर को डाक से प्रार्थना पत्र भेजा, फिर भी सुनवाई नहीं हुई। फिर आखिरकार 28 सितंबर को सिपाही ने कोर्ट की शरण ली। इसके बाद अब विधायक बरखेड़ा समेत 16 नामजद, 40 अज्ञात पर एफआईआर के आदेश किए हैं। पुलिस वाले कि पुलिस वालों ने नही सुनी लेकिन कोर्ट ने MLA के खिलाफ FIR का आदेश दे दिया है |

घटना के दिन विधायक किसन लाल राजपूत इतने गुस्से में आ गए कि मोहित को पकड़ कर पहले तो मारा फिर खुद थाने में मोहित को बंदी बना कर सत्ता की हनक दिखा कर FIR भी करा दी | इतना ही नही जिला अधिकारी के गनर को जेल भी भिजवा दिया, लेकिन जब कोर्ट ने FIR के आदेश दे दिया तो विधायक के तेवर थोड़े ढीले पड़े, और अब कह रहे है मेरी कोई गलती नही |

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