टेरर फंडिंग पर आई यह महत्वपूर्ण रिपोर्ट, मुश्किल में फंसा पाकिस्तान

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एशिया/पैसिफिक ऑन मनी लॉन्ड्रिंग (एपीजी) ने शनिवार को मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग पर अपनी रिपोर्ट जारी की है | यह रिपोर्ट फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) के सालाना अधिवेशन से एक हफ्ते पहले जारी की गई है जिसमें पाकिस्तान की ‘ग्रे लिस्ट’ की स्थिति पर फैसला होना है | बैठक में इस पर भी निर्णय होगा कि पाकिस्तान को ‘ब्लैकलिस्ट’ करने की दिशा में ठोस कारण हैं या नहीं |

10 में 9 रेटिंग में फिसड्डी पाक

एपीजी की रिपोर्ट में पाकिस्तान हर मोर्चे पर फिसड्डी साबित हुआ है | मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग के खिलाफ कार्रवाई के 10 मानदंडों में पाकिस्तान 9 में फिसड्डी साबित हुआ है जबकि एक में उसे ‘मध्यम’ स्थान प्राप्त हुआ है |

इस बात का खुलासा एपीजी की म्यूचुअल इवॉल्यूशन रिपोर्ट में हुआ है | इस रिपोर्ट में कहा गया कि युनाइटेड नेशन्स सिक्योरिटी काउंसिल रिजोल्यूशन 1267 को लागू करने के लिए सही कदम नहीं उठाए गए | पाकिस्तान सरकार ने आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैय्यबा, जमात-उद-दावा (जेयूडी) व फलह-ए-इंसानियत फाउंडेशन (एफआईएफ) और इनके सरगना हाफिज सईद के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं की है | एपीजी, फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) का क्षेत्रीय निकाय है |

पाकिस्तान के ब्लैकलिस्ट होने का खतरा बढ़ा

अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, इंग्लैंड के दबाव के बाद एफएटीएफ पाकिस्तान को जून 2018 से संदिग्ध सूची में डाल चुका है | एपीजी की ओर से पाकिस्तान के खिलाफ प्रतिकूल तथ्य पाए जाने के बाद अक्टूबर 2019 से उसे नकारात्मक रडार पर रखा जाएगा | इसके मायने हैं कि पाक के लिए दिक्कतें और बढ़ेंगी | वो संदिग्ध सूची में बना रहेगा और उसे संभवत: काली सूची में डालने की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी |

228 पेज की इस रिपोर्ट के आधार पर ही अगले हफ्ते पाकिस्तान की एफएटीएफ रैंकिंग पर फैसला होगा | पाकिस्तान ज्यादातर मापदंडों में फिसड्डी पाया गया है, खासकर जब हाफिज सईद जैसे वैश्विक आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात हो |

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