“पिता जेल में हैं..” लिखते हुए भावुक हो गए तेजस्वी यादव

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लोकसभा चुनाव का अंतिम चरण चल रहा है। बिहार में 8 सीटों के लिए मतदान होना है | इस मौके पर आरजेडी नेता और राज्य के पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने बिहारवासियों के नाम एक पत्र लिखा है| उन्होंने यह पत्र बेहद भावुक होकर लिखा है क्योकि इस बार चुनाव में उनके पिता लालू प्रसाद यादव उनके साथ मौजूद नही हैं | उन्होंने इस पत्र में जेल में बंद अपने पिता लालू प्रसाद यादव के लिए कहा कि उन्हें साजिशन इस चुनाव प्रचार से दूर रखा गया है |
उन्होंने बिहार की जनता का पिता की अनुपस्थिति में उनका समर्थन करने के लिए धन्यवाद किया और आरजेडी के लिए वोट अपील भी की है | इतना ही नहीं तेजस्वी यादव ने अपने इस पत्र में बिहार के मौजूदा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से लेकर केंद्र सरकार और उसकी नीतियों पर भी हमला बोला है | तेजस्वी ने इस पत्र को अपने फेसबुक और ट्विटर पर शेयर किया है | उधर लालू प्रसाद यादव भी जेल की सलाखों के पीछे से पत्र लिख रहे हैं। वे सोशल मीडिया पर भी इसे ट्वीट कर रहे है |
तेजस्वी यादव ने अपने पत्र में लिखा :-

 

मेरे प्रिय बिहारवासियों,

आज जब देश में छठे चरण का चुनाव हो रहा है| मैं हर एक बिहारवासी को दिल से धन्यवाद करना चाहता हूँ| यह पहला चुनाव है जब मेरे पिता को साज़िशन चुनाव प्रचार से दूर किया गया है | साम्प्रदायिक ताकतों से उनकी लड़ाई अभी भी जारी है … हाँ वो शारीरिक रूप से साथ नहीं इसलिए दिल थोड़ा सा भारी है लेकिन वैचारिक रूप से हर कण-हर क्षण वो हम सबों के अंग-संग है |

मैं आपका धन्यवाद इसलिए भी करना चाहता हूँ कि आपने इस चुनाव में मेरी हिम्मत, हौसले और जुनून को बनाए रखा है ठीक वैसे ही जैसे मेरे पिता के लिए करते हैं। आपकी पहनाई एक-एक माला, आपकी ओजस्वी आवाज में लगा एक-एक नारा, अन्याय के अन्धेरे को जड़ से मिटाने का… लालटेन जलाने का आपका प्रण… मुझपर ऋण है |

एक नया बिहार बनाने में आपने जो बढ़-चढ़ कर मेरा साथ दिया है उससे मुझे भी शक्ति मिली है कि अपनी हर एक सांस को बिहार की सेवा के लिए समर्पित करूं| हर उस इंसान के दुख दर्द को दूर करूं जो नीतीश-मोदी राज के नकारेपन का शिकार हुआ है |

वो नियोजित शिक्षक जिनकी परवाह नीतीश चाचा को नहीं है | वो पीड़ित बच्चियां जिनके साथ घिनौने जुर्म और ज्यादतियों का अन्तहीन सिलसिला रहा | वो व्यापारी जो आए दिन रंगदारी, लूट डकैती से परेशान हैं, जी.एस.टी. नोटबन्दी की मार से बेहाल है| वो दलित, पिछड़े और वंचित लोग जिनके आरक्षण को खत्म करने की साजिशें की जा रहीं है |

वो हाशिए पर डाल दिए गए इंसान जो लगभग 14 साल के नीतीश चाचा के शासन के बाद भी ‘रोड नहीं तो वोट नहीं’ का नारा लगाने को मजबूर है| वो घर चलाने वाली हमारी माताएं बहनें जिन्हें रसोई गैस और राशन मंहगा होने से घर चलाने में दिक्कत आ रही है |

वो छात्र, शिक्षा व्यवस्था में फैला भ्रष्टाचार जिनकी योग्यता का मखौल उड़ा रहा है| वो बहन, बेटियां जिन पर घर में घुसकर एसिड अटैक हो रहा है| वो अल्पसंख्यक भाई जिनके खिलाफ नीतीश मोदी सरकार के मंत्री खुलेआम नफरत फैलाने वाले भाषण दे रहें है| वो प्रशासन के ईमानदार अधिकारी जिन्हें अपना फर्ज निभाने पर मोदी-नीतीश के मंत्रियों द्वारा गाली मिल रहीं है| वो मतदाता जिसका वोट पहले धोखे से छीना गया और अब चुनावों में धोखे से भाजपा और जदयू के पक्ष में डलवाने की असफल कोशिश हो रही है|

वो किसान जो सुसाईड नोट में ‘मोदी को वोट मत देना’ लिखकर मरने को मजबूर है| वो मजदूर जो 14 साल के नीतीश चाचा के राज के बाद भी घर छोड़ने को मजबूर है
वो रिक्शेवाला जो 14 साल के नाकाम राज के बोझ को अभी तक भी खींचे जा रहा है|

वो बेरोजगार जिसे दो करोड़ नौकरियों का झांसा देकर उसे पकौड़े बेचने का ज्ञान दे दिया गया| वो गरीब जिसके खाते में 15 लाख तो क्या 15 रूपये भी नहीं आए और बिहार का वो एक-एक नागरिक जो अभी भी बिहार के स्पेशल पैकेज और विशेष राज्य के दर्जे के वादे के पूरा होने का इन्तजार कर रहा है|

हम सब साथ मिलकर इस अन्यायी सत्ता को जड़ से उखाड़ेंगे, अत्याचारी अन्धेरों को घर में घुसकर हटाएँगे पर हिंसा से ‘तीर’ चलाकर नहीं, प्यार से ‘लालटेन’ जलाकर| याद रखिएगा हमारा एक वोट बिहार के एक-एक नागरिक को इंसाफ देगा… बिहार को एक नया प्रभात देगा |

अंधेरों को हराते हैं, चलो लालटेन जलाते हैं
लालटेन का बटन दबाएं… राष्ट्रीय जनता दल को जिताएं… तानाशाही हटाएं… अपनी सरकार बनाएं |v

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