Saturday, April 17, 2021

यूपी सिडको में करोड़ों के फर्जीवाड़े का हुआ खुलासा

Must read

हैदरगढ़ तहसील बार अध्यक्ष उतरे सड़क पर, लामबंद होकर अधिवक्ताओं के साथ किया जोरदार प्रदर्शन

बिग ब्रेकिंग बाराबंकी लखनऊ सुल्तानपुर फोर लाइन हाईवे पर अतिक्रमण हटाने के दौरान अधिकारियों की मिलीभगत के चलते अधिवक्ताओं के निर्माण को बगैर सूचना के...

कोरोना की खबर सुनकर उदास हो जाते हैं धर्मेन्द्र

मुंबई,  बॉलीवुड के हीमैन धर्मेन्द्र कोरोना वायरस की खबर सुनकर उदास हो जाते हैं। वैश्विक महामारी कोरोना के बढ़ते संक्रमण से पूरी दुनिया परेशान हैं।...

बागपत में एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या

बागपत  उत्तर प्रदेश में बागपत के खेकड़ा इलाके में अज्ञात बदमाशों ने आज एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने शव...

शिवराज ने प्रदेशवासियों को दी नवरात्रि सहित विभिन्न पर्वो की शुभकामनाएं

भोपाल,  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेशवासियों को नवरात्रि एवं हिन्दु नववर्ष पर शुभकामनाएं दी हैं। चौहान ने ट्वीट के माध्यम से कहा...

प्रदेश के समाज कल्याण विभाग के अधीन संचालित यूपी स्टेट कांस्ट्रक्शन एण्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन लि. (यूपी सिडको) में करोड़ों के फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। इस मामले में इस निगम के छह अधिकारी दोषी पाए गए, जिनमें से तीन रिटायर हो चुके हैं जबकि तीन कार्यरत अभियंताओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

इन सभी छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने के भी आदेश दिये गये हैं। साथ ही जिन तीन ठेकेदार कम्पनियों के साथ मिलीभगत कर यह फर्जीवाड़ा किया गया, उनके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज होगी। यही नहीं इन कंपनियों की निगम में जमा करीब 2.5 करोड़ रुपये की सिक्यारिटी मनी जब्त होगी और इन्हें ब्लैक लिस्ट भी कर दिया गया है। यह जानकारी यूपी सिडको के प्रबंध निदेशक शिव प्रसाद ने दी है। उन्होंने बताया कि निलंबित होने वाले अभियंताओं में मुख्य अभियंता के.के.शर्मा, अधीक्षण अभियंता विनोद चंद पाण्डेय, सहायक अभियंता वासुदेव तिवारी शामिल हैं। तीन रिटायर हुए अधिशासी अभियंताओं में कालका प्रसाद, एके गोयल और सहायक अभियंता एसके अवस्थी के नाम शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र के वर्धा स्थित महात्मा गांधी अन्तर्राष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय में यूपी सिडको द्वारा वर्ष 2009 से निर्माण कार्य करवाया जा रहा है। इस निर्माण कार्य में मेसर्स राज कंस्ट्रक्शन, अमरजीत इन्फ्रा स्ट्रक्चर प्रा.लि. और मेसर्स एस.एस.इंजीनियरिंग ठेकेदार कम्पनियां लगी हुई थीं। यूपी सिडको के उपरोक्त छह कार्मिकों द्वारा दुरभिसंधि करके इन ठेकेदार कम्पनियों को 4 करोड़ 80 लाख रुपये का अग्रिम भुगतान करवा दिया गया।

इस राशि का वर्धा विश्वविद्यालय से न तो सत्यापन करवाया गया और न ही वह कार्य ही पूरे करवाये गये जिनके एवज में उक्त अग्रिम भुगतान करवाया गया। शिकायत मिलने पर यूपी सिडको के प्रयागराज में तैनात अधीक्षण अभियंता शैलेन्द्र कुमार निगम की अध्यक्षता में एक जांच कमेटी बनाई गई। इस कमेटी ने जांच करने के बाद जो अपनी रिपोर्ट दी उस रिपोर्ट के आधार पर प्रबंध निदेशक ने यह कार्रवाई की है।

- Advertisement -

More articles

Latest article

आईपीएल टी-20 क्रिकेट मैच पर सट्टा लगाते तीन गिरफ्तार

सिरसा,  हरियाणा की सिरसा सीआईए पुलिस ने राजस्थान रॉयल्स और दिल्ली कैपिटल के बीच आईपीएल टी-20 क्रिकेट मैच पर सट्टा लगाने के आरोप में...

नायडू ने के. सुब्बा राव के निधन पर शोक व्यक्त किया

नयी दिल्ली  उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने प्रसिद्ध रेडियोलॉजिस्ट डॉ. के. सुब्बा राव के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। नायडू ने शुक्रवार को...

UP में कहर अब 24 घंटे में 27,426 कोरोना के नए मामले, 103 की मौत

लखनऊ. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में एक बार फिर कोरोना अपने पैर पसार रहा है. हालात अब बद से बदतर होते दिख रहे हैं. मरीजों...

तृणमूल नेता भूइंया, मित्रा को ईडी ने किया समन

कोलकाता,  पश्चिम बंगाल में अलग-अलग चिट फंड घोटालों के मनी ट्रेल्स की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस नेता मानस...

जानिए कैसी है इस वक्त अखिलेश यादव की तबीयत।

  सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव अभी हाल ही में कोरोना संक्रमित हुए हैं, इस वक्त अखिलेश यादव होम आइसोलेशन में है और डॉक्टरों की सलाह...