अब सामने आया मध्यप्रदेश की रोजगार योजना में बेरोजगारी का घोटाला

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मध्य प्रदेश में ‘मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना’ के तहत प्रदेश सरकार युवाओ को लोन देकर रोजगार से जोडने का प्रयास कर रही है। लेकिन भ्रष्टाचार के चलते योजना विफल होती दिखाई दे रही है। भ्रष्ट अधिकारी और दलाल मिली-भगत कर मुख्यमंत्री की इस योजना में सेंध लगा रहे हैं। ग्रामोद्योग विभाग के कुछ अधिकारी बेरोजगार युवाओ को लोन देने के नाम पर लाखो का घोटाला कर रहे हैं।

बेरोजगार युवाओ को रोजगार से जोडने लिए मध्य प्रदेश सरकार ने ‘मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना’ शुरू की है जिसमे हितग्राही को लोन राशि का 30 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है। इसी अनुदान को लेकर धार के ग्रामोद्योग विभाग मे भ्रष्टाचार चल रहा है। जानकारी के अनुसार जिला ग्रामोद्योग अधिकारी गिरीश वाघमारे बिचोलियों और दलालो की सहायता से बेरोजगार युवाओ से भारी भरकम रकम वसूल रहे है। पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब जिला मुख्यालय से डेढ सौ किलोमीटर दूर स्थित ग्राम निसरपुर के एक हितग्राही प्रकाश प्रजापति ने उच्च कलेक्टर को इसकी शिकायत कर दी । प्रकाश ने बताया कि उसका 5 लाख का लोन 19 माह पहले स्वीकृत होकर उसे मिल गया है और उसने बैक को वापस लोन की राशि लौटाना भी शुरु कर दी। लेकिन उसे 30 प्रतिशत का अनुदान जो कि डेढ लाख रुपया होता है, अभी तक नही मिला है। प्रकाश प्रजापति ने ही ग्रामोद्योग अधिकारी गिरीश वाघमारे पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है।

दोषियों पर होगी कार्यवाई

धार के अपर कलेक्टर शैलेन्द्र सोलंकी ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जाँच की बात कही है। साथ ही उन्होंने प्रकाश प्रजापति की शिकायत का जल्दी ही निराकरण करने आश्वासन दिया है । उन्होंने कहा है कि ग्रामोद्योग द्वारा पूरे वर्षभर अभी तक स्वीकृत किए गए सभी लोन के प्रकरणो की जाँच होगी और दोषियों पर कार्यवाई की जाएगी। इसके अलावा जांच में हिसाब लिया जाएगा कि कितने हितग्राहियो को अभी तक शासकीय अनुदान की राशी नही दी गई है। गौरतलब है कि जब ग्रामोद्योग अधिकारी गिरीश वाघमारे से इस मसले पर बात की गई तो वे बात घुमाकर इससे बचते नज़र आए।

अशोक पाटीदार की रिपोर्ट

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