हिममानव ज़मीन पर ..

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भारतीय सेना ने सोमवार को हिममानव की मौजूदगी के संकेत दिए हैं.. हमेशा से ही इसकी मौजूदगी को लेकर तरह-तरह के अनुमान भी लगाए जाते रहे हैं.. लेकिन इसे लेकर अभी तक कोई सबूत नहीं मिले थे। अब भारतीय सेना ने खुद हिममानव येती के होने के सबूत ट्वीटर पर शेयर किए हैं। हालांकि कई कहानियां ऐसी भी आई हैं कि लोगों ने हिममानव को देखा है, लेकिन उनके पास ये साबित करने के लिए सबूत नहीं होते थे.. जिस से उनके दावे को सच मन जा सके..

कौन है येती:

येति का अस्तित्व एक बार फिर लोगों के लिए बहस का मुद्दा बना हुआ है.. इसके पीछे वजह है बीते साल रिसर्चर्स की टीम को मिले हिमालयन येति (हिममानव) के बालों के गुच्छे.. रिसर्चर्स की एक टीम के मुताबिक, बालों का यह गुच्छा 40 हजार साल पुरानी प्रजाति वाले पोलर बियर के हैं.. वहीं,एक दूसरी रिसर्च टीम का कहना है कि ये बाल भूरे रंग वाले भालू के हैं, जो आमतौर पर हिमालय में मिलते हैं.. यानी स्टडी के मुताबिक, येति कुल मिलाकर भालू की ही एक प्रजाति है.. पहली स्टडी ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के ब्रायन साइक्स ने की है, जबकि दूसरी स्टडी यूनिवर्सिटी ऑफ कनसास के एलिसर गुतिरेज ने की है.. दोनों ही अपने-अपने दावों पर अड़े हुए हैं। इनके द्वारा किया गया विश्लेषण एक जर्नल में छपा है..

येति, बिग फुट और ससक्चैच नाम से जाना जाने वाला यह जीव दुनिया के लिए हजारों सालों से एक रहस्य बना हुआ है.. नेशनल जियोग्राफी से लेकर डिस्कवरी तक इस पर खोज कर चुके हैं.. बावजूद इसके यह रहस्य कोई सुलझा नहीं पाया.. माना जाता है कि यह हमेशा घने जंगलों और पहाड़ों में रहता है.. जितने लोगों ने भी इसे देखा है वह इसे सामान्य आदमी से लंबा, पूरा शरीर बालों से भरा हुआ, ताकतवर और अजीब सी गंध लिए, बड़े पैर और चीखने वाला बताते हैं..

येति या हिममानव बंदर की तरह एक प्राणी होता है। माना जाता है कि नेपाल, भारत और तिब्बत के हिमालय वाले इलाके इनका घर है..

येति को देखने की पहली रिपोर्ट1925 में एक जर्मन फोटोग्राफर की तरफ से आई थी.. हालांकि, कई नेपाली भी इसे देखने का दावा करते हैं….

1953में सर एडमंड हिलेरी और तेन्जिंग नोर्गे ने माउंट एवरेस्ट पर बड़े पैरों की निशान देखने की बात कही थी.. बाद में सर एडमंड ने येति दिखने की बात का खंडन कर दिया..

2008में एक जापानी एडवेंचरर ने दावा किया था कि उन्हें बड़े पांवों के निशाना मिले हैं, जो संभवत येति द्वारा बनाए गए हैं..पैरों के ये निशाना आठ इंच के थे और बिल्कुल इंसानी पैरों जैसे दिख रहे थे..

 

2010में चीन में रिमोट एरिया में प्राचीन वुडलैंड्स में मिले एक प्राणी को असली येति करार दिया गया था। लोगों की शिकायत पर बिना बालों वाले इस जानवर को सिचुआन प्रांत से पकड़ा गया था। स्थानीय लोग इसे भालू समझ रहे थे..

 

पूर्व हैवीवेट बॉक्सिंग चैम्पियन निकोलाइ वेल्युव ने येति को खोजने के एक अभियान में हिस्सा लिया था,लेकिन उन्होंने अपनी हार मान ली थी..

येति के बारे में स्पष्टीकरण देते हुए इसे कम ऊंचाई वाली जगहों पर रहने वाले लंगूर बंदर,तिब्बत के नीले भालू और हिमालय के भूरे भालू जैसा भी बताया गया है..रूस के साइबेरिया इलाके में भी दावा किया जाता है कि यहां के पहाड़ बड़े बाल वाले येतियों का घर है..

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