कानपुर : CAA के खिलाफ प्रदर्शन में 15 अरब का हुआ नुकसान, आंकलन देख चौंक जाएंगे आप !

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21 दिसंबर का वह दिन जिसनें पुरे देश में खौफ का मंजर सा खड़ा कर दिया था और चारों तरफ किये जा रहे प्रदर्शन को हिंसात्मक रूप दे दिया था, जिसमें सरकार ने भी इस दौरान होने वाले नुक्सान की भरपाई प्रदर्शनकारियों से वसूलने का एलान कर दिया था और अब जो आकलन लगाया गया है | वह भी बेहद चौकानें वाला नजर आ रहा है | जिसपर सवाल उठ रहा है की आखिरकार यह नुक्सान किसके माथे जाएगा क्योंकि नुक्सान के अनुसार बवाल की कीमत का असर 15 अरब के आस-पास आकि गयी है | जिसमें आगजनी और तोड़फोड़ में ग्यारह लाख की क्षति पहुंचाया जाना दर्ज किया गया है | जिसके लिए जिला प्रशासन ने क्षति के आकलन के लिए पांच सदस्यीय कमेटी बनाकर कार्रवाई शुरू की है।

कानपुर एक शहर ऐसा है जहाँ से हर वह व्यापार चलता है, जिसकी देश में जरुरत है। उदाहरण के तहत प्लास्टिक, जूता, डिटरजेंट, केमिकल, मशीनरी, होजरी एवं गारमेंट, पान मसाला, खाद्य मसाला, तेल की मैन्यूफैक्चरिंग में उत्तर भारत का बड़ा केंद्र है। वहीं, कपड़ा, मसाला, किराना, गल्ला, इंजीनियङ्क्षरग वक्र्स, लोहा, टिम्बर के थोक कारोबार का बड़ा हिस्सा कानपुर से चलता है।

अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल प्रदेश महामंत्री ज्ञानेश मिश्र और लोहा व्यापार मंडल के अध्यक्ष अतुल दिवेदी की मानें तो इस तरह के उपद्रव से हमेशा शहर को आर्थिक नुकसान होता चला आया है। जो इस बार भी हुआ जिसमें बाहर के कारोबारियों पर बड़ा असर डाला है। हालात कुछ इस प्रकार हो चले थे कि जो कारोबारी कानपुर के लिए रवाना हो चुके थे | वह खबर लगते ही बीच से ही वापस लौट गए | तो ज्यादातर व्यापारी कानपुर आने के बाद अपना माल नहीं बेच सका, वहीँ लगातार चार दिन तक इंटरनेट सेवा बंद रहने से शहर की कारोबारी धड़कन रुक सी गई थी।

जिसको लेकर अब उनका कहना है कि बाजार में फिलहाल दस फीसद ग्राहक भी बाहर से नहीं आ रहा है। उधर, इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील वैश्य ने बताया कि ई-वे बिल न जनरेट हो पाने से 400 करोड़ का माल डंप हो गया | जबकि कर्मचारियों के न पहुंचने से करीब 500 करोड़ का उत्पादन नहीं हुआ।

इतने नुकसान का लगाया गया आकलन

कपड़ा रेडीमेड वुलेन – 80 करोड़, गल्ला एवं दलहन – 75 करोड़, किराना – 60 करोड़, लोहा – 60 करोड़, मशीनरी – 50 करोड़, सर्राफा – 45 करोड़, ट्रांसपोर्ट – 100 करोड़, अन्य – 70 करोड़ जिसको लेकर व्यापारी नेता ज्ञानेश मिश्रा का कहना है कि इतने बड़े नुकसान की भरपाई कर पाना काटों से निकलने के सामान्य होगा, वहीँ उन्होंने ऑनलाइन कारोबार के नुकसान के आकड़ो को बताया जिसमें उनके अनुसार इन चार दिनों में ऑनलाइन कारोबार के प्रभाव में खानपान – 01 करोड़, टैक्सी बुकिंग – 01 करोड़, ऑनलाइन खरीद – 20 करोड़, चमड़ा उद्योग – 100 करोड़, होजरी एवं रेडीमेड – 90 करोड़, केमिकल – 75 करोड़,

वहीँ पुलिस ने भी आगजनी और तोडफ़ोड़ में 11 लाख का नुकसान बताया है | जिसके तहत यतीमखाना और बाबूपुरवा क्षेत्र में दो दिन उपद्रव के दौरान आगजनी और तोडफ़ोड़ में 10 लाख 96 हजार पांच सौ रुपये का नुकसान हुआ है। जिला प्रशासन ने शासन को यह रिपोर्ट भेजी है। शासन की ओर से निर्देश थे कि उपद्रव में हुए, नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट भेजी जाए। एडीएम सिटी विवेक कुमार श्रीवास्तव की निगरानी में पांच सदस्यीय कमेटी गठित हुई, जिसमें एसडीएम सदर हिमांशु कुमार गुप्ता, तहसीलदार अमित कुमार गुप्ता, एआरटीओ प्रशासन उदयवीर सिंह, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी, एक्सईएन नगर निगम शामिल हैं। कुल मिलाकर 10 लाख 96 हजार पांच सौ रुपये के नुकसान का आकलन किया गया। डीएम विजय विश्वास पंत के मुताबिक रिपोर्ट शासन को भेजी गई है।

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