पति और चार बच्चों की हत्यारी महिला प्रेमी सहित दोषी करार

राजस्थान के अलवर शहर में 2017 को कुछ ऐसा हुआ कि आज भी लोग उस घटना को सुनकर भावुक हो जाते हैं एक इंसानी चेहरे के पीछे छिपी सच्चाई ने सबको रुला कर रख दिया । जब पता चला कि खूबसूरत चेहर के पीछे एक ऐसी युवती है जिसने प्रेमी के प्यार में पागल होकर सोते हुए पति अपनी कोख से जन्में 3 मासूम और देवरानी के एक बच्चे को तड़पकर मरते देखा।जब उसे ये अहसास हो गया कि सभी मर गए तब प्रेमी और उसके साथ आए किराए के हत्यार को भागने में मदद की अदालत ने मामले में महिला और उसके प्रेमी को दोषी पाया है।
पुलिस ने जांच शुरू की। जल्द ही घटना के तह तक पहुंच गई।जब मामले का खुलासा किया तो लोग उस महिला की ममता को कोसने लगे।उसकी मां और पत्नी बनने पर विधाता को कोसते नजर आए।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

संतोष उर्फ संध्या की शादी कोटा के शिवाजी पार्क इलाके में रहने वाले बनवारी के साथ शादी हुई थी। संध्या और बनवारी के अमन (17) हैपी (14) और अज्जू (9) बच्चे थे।संध्या ताइक्वांडो सीखती थी। वहां उसकी मुलाकात हनुमान प्रसाद से हुई। हनुमान और संध्या एक दूसरे के करीब आए और फिजिकल रिलेशन हो गए। 3 साल तक ये सब चलता रहा।बड़े बेटे अमन की तबीयत खराब होने के कारण वो खाना नहीं खाया था। संध्या को डर था कि कहीं वो जग न जाए। हुआ भी यही।जीरो वॉट के बल्ब की रौशनी में पहले बनवारी को हत्यारों ने मारा।बनवारी का कत्ल करते ही अमन जग गया।मामले में वकील अशोक शर्मा ने पीड़ित पक्ष और राज्य सरकार की ओर से पैरवी की।अपर जिला एवं सेशन न्यायधीश संख्या दो डॉक्टर रेणु श्रीवास्तव ने आरोपी प्रेमी हनुमान और महिला संतोष उर्फ संध्या को दिया दोषी करार दिया है।

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