दूसरे चरण में किसका पलड़ा भारी, देखे न्यूजनशा का ये वीडियों

पहले और दूसरे चरण के मतदान से एस पार्टी का पलड़ा भारी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में जारी विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में 14 फरवरी को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 9 जिलों की 55 सीटों पर वोटिंग हुई. यूपी चुनाव के दूसरे चरण में 62 प्रतिशत मतदान हुआ और इस तरह से इस चरण में 586 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई. पिछले विधानसभा चुनाव के मुकाबले इस बार लगभग 3 प्रतिशत कम मतदान हुआ. हालांकि,अभी अंतिम आंकड़ा आयोग की ओर से जारी नहीं किया गया है और फाइनल डेटा का इंतजार है. इस तरह से दो चरण के चुनाव के साथ ही पश्चिमी यूपी की अधिकतर सीटों पर चुनाव संपन्न हो गए हैं. तो आईए जानते है क्या क्या फर्क पड़ा है…

इस बारे हमारे साथ चर्चा में जुड़े है अशोक वानखेड़ें ने कहा कि 2017 व 2022 की तुलना करें तो इस बार भाजपा की हालत बेहद खराब है, जिस तरह से पहले और दूसरे चरण मेें वोटिंग हुई है उससे यही लग रहा है कि सपा ने अपना दम दिखा दिया है।

भाजपा को भारी नुक्सान

इस बार सपा और भाजपा में बराबर का टक्कर देखने को मिल रहा है तो इस बार किसका नफा और किसका नुक्शान है?इस पर हेमन्त तिवारी का कहना है कि इस बार की फिडबैक की बात करे तो इस बार भाजपा को भारी नुक्सान का सामना करना पड़ सकता है।

सिध्दार्थ कलहंस का कहना है कि बीजेपी को सीधे-सीधे 17-18 सीटों का नुक्शान हो रहा है। दूसरी पाली की वोटिंग की बात करे तो जिस तरह से वोट पड़ें है ऐसे में कहा जा कता है कि भाजपा को इस बार भारी नुक्शान का सामना करना पड़ सकता है।

जनता बदलाव चाहती है

क्या लोग घोषणा पत्र के मुताबिक भी वोट कर रहे है? इस सवाल पर अजय शुक्ल का कहना है कि जनता का हना है कि इस बार वो अखिलेश के साथ जा रहे है इसकी वजह है कि हमको मोदी योगी  को हटाना चाहते है। इस बार देखने को मिल रहा है कि जनता बदलाव चाहती है। इस बार जनता इस सरकार से लड़ रही है। जनता कबतक झूठ बर्दास करेगी।

आइए इस खबर को विस्तार से देखे 

 

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