जाति पर विवाद:समीर वानखेड़े ने दिल्ली में SC आयोग में कास्ट सर्टिफिकेट पेश किया,

आयोग ने महाराष्ट्र सरकार से मांगी रिपोर्ट

महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नवाब मलिक के आरोपों के बाद नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े सोमवार को दिल्ली पहुंचे। उन्होंने अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) पहुंचकर अपनी कास्ट से जुड़े दस्तावेज जमा कराए। उन्होंने आयोग के अध्यक्ष विजय सांपला से भी मुलाकात की। मलिक ने वानखेड़े पर मुस्लिम होने का आरोप लगाया था और कहा था कि उन्होंने अपनी जाति छिपाई है।

इससे पहले, समीर वानखेड़े ने शनिवार को NCSC के उपाध्यक्ष अरुण हलदर से मुलाकात की थी। रविवार को हलदर ने समीर के पिता ज्ञानदेव वानखेड़े से उनके घर जाकर मुलाकात की थी। इस पर सवाल उठाते हुए मलिक ने हलदर की शिकायत राष्ट्रपति से करने की बात कही है।

राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष विजय सांपला और समीर वानखेड़े के बीच मुलाकात करीब आधे घंटे चली।

मलिक का आरोप- नौकरी के लिए झूठा कास्ट सर्टिफिकेट बनवाया
मलिक ने आरोप लगाया था कि नौकरी हासिल करने के लिए वानखेड़े ने मुस्लिम होने के बावजूद दलित का झूठा कास्ट सर्टिफिकेट बनाया था। इस बीच, आयोग के अध्यक्ष से मिलने के बाद वानखेड़े DDG NCB से मिलने दिल्ली स्थित ऑफिस पहुंचे। बता दें कि वानखेड़े के खिलाफ NCB की विजिलेंस विंग 25 करोड़ की रिश्वतखोरी के आरोप की जांच कर रही है। क्रूज ड्रग्स केस में गवाह रहे प्रभाकर सैल ने आरोप लगाया है कि वानखेड़े के कहने पर इसी मामले के एक अन्य गवाह केपी गोसावी ने आर्यन को छोड़ने के बदले शाहरुख खान से 25 करोड़ की घूस मांगी थी।

हमने 7 दिन में महाराष्ट्र सरकार से जांच रिपोर्ट मांगी है: सांपला
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष विजय सांपला ने आज की मुलाकात पर कहा, ‘आज एनसीबी के अधिकारी समीर वानखेड़े मुझसे मिलने आए। उन्होंने 29 अक्टूबर को शिकायत भी दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर हमने महाराष्ट्र के गृह सचिव और अन्य अधिकारियों को नोटिस जारी कर 7 दिन के भीतर जवाब मांगा है। आज उन्होंने अपने धर्म और वैवाहिक जीवन से जुड़े सभी दस्तावेज हमें दिए हैं। हमने इसे महाराष्ट्र सरकार को भेज दिया है और अगर ये सभी दस्तावेज सही पाए जाते हैं, तो उन्हें परेशान नहीं होना चाहिए।’ समीर वानखेड़े ने कहा कि वह अनुसूचित जाति से आते हैं। उन्होंने सभी प्रासंगिक दस्तावेज आयोग को दे दिए हैं।

रविवार को अरुण हलदर ने समीर के पिता को आश्वासन दिया था कि उनके परिवार को अब और परेशान नहीं किया जाएगा। एनसीएससी के वीसी ने कहा था कि मामले में जांच कर कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान हलदर ने कहा था, “क्या कोई अधिकारी नकली प्रमाण पत्र आयोग के सामने रख सकता है? क्या हमारे पास कोई अनुभव नहीं है? मेरे अनुभव के अनुसार, वह (समीर वानखेड़े) नकली प्रमाण पत्र नहीं प्रस्‍तुत कर सकते, क्‍योंकि इससे उनकी नौकरी चली जाएगी।’ उन्‍होंने आगे कहा कि हमने महाराष्ट्र सरकार से कहा है कि इस पूरे मामले में 7 दिनों में रिपोर्ट पेश करें।

वानखेड़े ने अपनी और क्रांति रेडकर की यह तस्वीर भी आयोग के अध्यक्ष को दी है।

रामदास अठावले ने भी किया वानखेड़े का समर्थन
इससे पहले रविवार को समीर वानखेड़े की पत्नी क्रांति और पिता ज्ञानदेव ने रिपब्लिकन पार्टी के प्रमुख रामदास अठावले से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद अठावले ने वानखेड़े पर लगे सभी आरोपों को निराधार बताया। केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि समीर वानखेड़े पर जानबूझकर हमले किए जा रहे हैं। उनके व्यक्तिगत जीवन पर हमले किए जा रहे हैं और उन्हें जानबूझकर बदनाम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा था, “ज्ञानदेव वानखेड़े ने हमें डॉक्युमेंट दिखाया है कि उनकी पत्नी मुसलमान थीं, वह महार जाति के हैं। इससे जुड़े डॉक्युमेंट भी उन्होंने हमें दिखाए हैं।

SC कमीशन के उपाध्यक्ष की राष्ट्रपति से करेंगे शिकायत: मलिक
नवाब मलिक ने कहा- एससी कमिशन उपाध्यक्ष अरुण हलदर पर भी नवाब मलिक ने गंभीर आरोप लगाया। सोमवार को मलिक ने कहा कि अरुण हलदर अपने पद की मर्यादा को भूल गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि हलदर का रवैया संदेहास्पद है। वे एक ऐसे शख्स के घर जाते हैं, जो अपनी जाती छिपाने का आरोपी है। वैधानिक पद पर बैठा हुआ व्यक्ति इस तरह का आचरण करता है, यह बेहद हैरान करने वाला है। किसी का कास्ट सर्टिफिकेट अगर फर्जी है, तो उसे जांचने का अधिकार शेड्यूल कास्ट कमीशन को नहीं है। हम राष्ट्रपति महोदय से इस सारी घटना की शिकायत करेंगे। अरुण हलदर को इतनी जल्दबाजी क्या है, यह उन्हें बताना पड़ेगा।

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