विधानसभा भर्ती स्कैम कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री ने केह दी ये बड़ी बात……..

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत  वैसे तो हर विषय पर अक्सर नापतोल कर ही जवाब देते हैं लेकिन विधानसभा भर्ती 

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत  वैसे तो हर विषय पर अक्सर नापतोल कर ही जवाब देते हैं लेकिन विधानसभा भर्ती  मामले में हरीश रावत ने जो बयान दिया है उसने सबको आश्चर्यचकित कर दिया है. हरीश रावत ने विधानसभा में हुई परिवार और भाई-भतीजावाद के आधार पर हुई भर्ती को लेकर कहा कि अपने लोगों की भर्ती करने में किसी ने कोई अपराध नहीं किया है. उनके परिवार के लोग भी बेरोजगार थे.

बयान से पलटे हरीश रावत

विधानसभा भर्ती घोटाले पर प्रतिक्रिया देते हुए हरीश रावत ने कहा कि अपने लोगों को भर्ती करने में किसी ने कोई अपराध नहीं किया है, उनके परिवार के लोग भी बेरोजगार थे. ऐसा किसी कानून में नहीं है कि अपने लोगों को भर्ती नहीं किया जा सकता, वो भी उनका अधिकार है. हरीश रावत ने ये बयान ऐसे वक्त में दिया है जब कि इससे पहले वो खुद ये कह चुके हैं कि सभी विधानसभा अध्यक्ष के दौरान हुई नियुक्तियों की जांच होनी चाहिए.

आखिर किसे बचाना चाहते हैं रावत?

 

हरीश रावत के बयान से पलटने के बाद सवाल उठने लगे हैं कि आखिर हरदा ने अचानक ऐसा क्या किया. कहीं ऐसा तो नहीं कि वो अपने बेहद करीबी गोविंद सिंह कुंजवाल को बचाना चाहते है. जब बात भर्तियों की शिष्टाचार पर आई, तो हरीश रावत एकदम बदल गए उन्होंने तो ये तक कह दिया कि मैंने ऐसा कभी कहा ही नहीं था.

भर्ती घोटाले को लेकर सियासत गर्म

दरअसल उत्तराखंड में इन दिनों भर्ती घोटालों को लेकर राजनीति गरमा रही है. सबसे बड़ी बात यह है कि विधानसभा में बैक डोर से 72 नियुक्तियों के मामले ने बड़ा तूल पकड़ लिया है. विधानसभा में बैक डोर से हुई 72 नियुक्तियों में लगातार रोज कुछ ना कुछ खुलासे होते जा रहे हैं. ऐसे में अब विधानसभा में हुई नियुक्तियों को लेकर कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने हो गई है.

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