अभी नहीं खुल रही जामिया यूनिवर्सिटी, Online ही चलेंगी कक्षाएं

 

कोरोना अब देशभर में कंट्रोल में आता दिखाई दे रहा है। वहीं वैक्सीनेशन का काम भी जोरों पर चल रहा है। साथ ही किसी गंभीर दुष्प्रभाव की खबर भी अब तक सामने नहीं आई। वहीं अब वैक्सीन लगाने के इच्छुक लोगों की संख्या में भी बढ़ोतरी होती नजर आ रही है। ऐसे में जब संकट कम होता दिख रहा है तो स्कूलों और कॉलेजों को खोलने का काम भी लगातार जारी है। हालांकि अभी दिल्ली में जामिया विश्वविद्यालय (Jamia University) को खोलने से इनकार कर दिया गया है। यहां पर ऑनलाइन कक्षाएं ही अभी जारी रहेंगी।

 

वहीं जामिया पुस्तकालय 16 दिसंबर 2019 की तोड़फोड़ के बाद एक बार फिर से बनकर तैयार हो गया है। डॉक्टर जाकिर हुसैन लाइब्रेरी के रीडिंग रूम को दोबारा बनाया गया है। मणिपुर की राज्यपाल और जामिया की कुलाधिपति नजमा हेपतुल्ला ने शनिवार को इस का उद्घाटन किया।

 

 

नजमा हेपतुल्ला ने भेंट की कुरान

नजमा हेपतुल्ला ने उपहार के रूप में विश्वविद्यालय को कुरान भेंट की। डॉक्टर हिपतुल्ला को यह अनमोल ग्रंथ सऊदी अरब साम्राज्य के दिवंगत सम्राट हिज हाईनेस किंग अब्दुल्लाह-बिन-अब्दुल-अजीज-अल-सऊद द्वारा भेंट की गई थी। उन्होंने विश्वविद्यालय को किस्वा (एक बड़ा कपड़ा जो काबा को ढकता है) का एक फ्रेम किया हुआ टुकड़ा भी प्रदान किया।

 

डॉक्टर हेपतुल्ला ने कहा कि उन्होंने जामिया को यह उपहार पेश करने के लिए सबसे उपयुक्त जगह के रूप में पाया। इतनी सारी चुनौतियों के बावजूद विश्वविद्यालय और अधिक ऊंचाइयों तक ले जाने में उन्होंने कुलपति प्रोफेसर नजमा अख्तर के प्रयासों को की सराहना की।

 

 

मेडिकल कॉलेज और अस्पताल बनाने में हेपतुल्ला करेंगी मदद

 

नजमा हेपतुल्ला ने दोहराया कि वह मेडिकल कॉलेज और अस्पताल स्थापित करने में विश्वविद्यालय की मदद करने के लिए अपने स्तर पर पूरी कोशिश कर रही हैं। किसान आंदोलन पर डॉक्टर नजमा हेपतुल्ला ने कहा कि कोई भी आंदोलन चलता है, उसमें आंदोलनकारियों की कुछ मांगे होती हैं। हमारा इस पर कुछ भी कहना मुनासिब नहीं है।

 

 

 

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