नौकरी वालों के लिए नए साल में खुशखबरी:2022 में मिल सकता है कोविड वाले साल जितना इन्क्रीमेंट,

असमान इकोनॉमिक रिकवरी से कुछ सेक्टर में होगी कम वेतन बढ़ोतरी

* इन्क्रीमेंट के आंकड़े प्रतिशत में हैं।

नौकरीपेशा लोगों के लिए अगला साल अच्छी खबर लेकर आ सकता है। 2022 में सैलरी हाइक कोविड से पहले वाले साल (2019) जितनी हो सकती है। लेकिन, कुछ इकोनॉमिक सेक्टर के वर्करों को निराशा हाथ लग सकती है। दरअसल डेलॉइट के एक सर्वेक्षण के मुताबिक, रिकवरी सभी इकोनॉमिक सेक्टर में नहीं हुई है।

एवरेज इन्क्रीमेंट कोविड वाले साल जितना रहने का अनुमान

डेलॉइट वर्कफोर्स एंड इन्क्रीमेंट ट्रेंड सर्वे के मुताबिक, ‘सभी इंडस्ट्री में इस साल से ज्यादा इन्क्रीमेंट होने का अनुमान लगाया जा रहा है। आधी इंडस्ट्री में सैलरी हाइक 2019 से ज्यादा रहने की संभावना जताई जा रही है।’ 2022 में एवरेज इन्क्रीमेंट कोविड वाले साल जितना 8.6% रहने का अनुमान है।

बेस्ट एस्टीमेट पर सैलरी हाइक के अनुमान दे रही हैं कंपनियां

हर इंडस्ट्री में रिकवरी की रफ्तार अलग होने से अगले साल सैलरी हाइक भी अलग रह सकती है। डेलॉइट इंडिया के पार्टनर आनंदरूप घोष कहते हैं, ‘माना जा रहा है कि पूंजी निवेश का नया दौर शुरू हो गया है। ऐसे में कंपनियां बेस्ट एस्टीमेट पर सैलरी हाइक के अनुमान दे रही हैं। इसलिए जॉब मार्केट में रिकवरी को लेकर अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी।’

सप्लाई साइड की दिक्कतों से अटक रही है ऑटो सेक्टर में रिकवरी

घोष के मुताबिक, सैलरी हाइक इकोनॉमी में रिकवरी और सेक्टर विशेष की स्थिति पर निर्भर करेगी। मिसाल के लिए, सप्लाई साइड की कुछ दिक्कतों से ऑटो सेक्टर में रिकवरी अटक रही है। सर्विस इंडस्ट्री के कुछ सेगमेंट और ट्रेडिशनल मैन्युफैक्चरिंग कंपोनेंट इंडस्ट्री में पूरी रिकवरी नहीं हुई है।

IT और डिजिटल ई-कॉमर्स कंपनियों में डबल डिजिट इन्क्रीमेंट का अनुमान

दूसरी तरफ, IT और इससे जुड़ी दूसरी इंडस्ट्री की ग्रोथ 20 साल के उच्चतम स्तर पर है। डिजिटल ई-कॉमर्स और IT प्रॉडक्ट कंपनियों में डबल डिजिट इन्क्रीमेंट होने का अनुमान है। घोष के मुताबिक, IT इंडस्ट्री के कुछ सेगमेंट में ऑफर ड्रॉप आउट रेट 60-70% है। यह आंकड़ा बताता है कि इंडस्ट्री के वर्कर्स के पास नौकरियों के दूसरे ऑप्शन हैं।

रिटेल, इंफ्रा, रियल एस्टेट और हॉस्पिटैलिटी में इन्क्रीमेंट सबसे कम

घोष के मुताबिक फिलहाल इकोनॉमी दोराहे पर है। एक तरफ, IT कंपनियां ज्यादा जॉइनिंग बोनस और साल में एक से ज्यादा इन्क्रीमेंट दे रही हैं। दूसरी तरफ, कुछ इंडस्ट्री में छंटनी करके नीचे के सैलरी लेवल पर वर्कर्स लाए जा रहे हैं। अगले साल रिटेल, इंफ्रास्ट्रक्चर, रियल एस्टेट और हॉस्पिटैलिटी कंपनियों में सैलरी हाइक सबसे कम रह सकती है। दिक्कत वाली बात यह है कि इनमें इन्क्रीमेंट इस साल लॉन्ग टर्म एवरेज से कम रहा था।

रियल एस्टेट और कंस्ट्रक्शन सेक्टर का पटरी पर लौटना जरूरी

घोष का मानना है कि इकोनॉमिक रिकवरी का दायरा बड़ा हो, इसके लिए रियल एस्टेट और कंस्ट्रक्शन सेक्टर का पटरी पर लौटना जरूरी है। घोष के मुताबिक, ‘कृषि के बाद कंस्ट्रक्शन सेक्टर में सबसे ज्यादा लोगों को रोजगार मिला हुआ है। रियल एस्टेट सेक्टर में जो कुछ होगा उसका असर ज्यादा लोगों की कमाई और खपत के ढर्रे पर पड़ेगा।’

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