सार्क के बहाने पाकिस्तान की तालिबान को मान्यता देने की चाल नाकाम, बैठक रद्द

पाकिस्तान ज़ोर दे रहा था कि सार्क बैठक में तालिबान की नई सरकार को आमंत्रित किया जाये जिसे लेकर बाक़ी देश तैयार नही हुए। इमरान सरकार की इस चाल से दक्षिण एशिया की शांति प्रक्रिया को झटका लगा हैदक्षिण एशिया की शांति प्रक्रिया को एक बार फिर ज़ोर का झटका लगा है। पाकिस्तान के नये पैंतरे के कारण दक्षिण एशियाई देशों की अहम संस्था, सार्क की होने वाले बैठक रद्द कर दी गयी है।दरअसल पाकिस्तान पिछले कुछ दिनों से ज़ोर दे रहा था कि सार्क बैठक में तालिबान की नई सरकार को आमंत्रित किया जाये जिसे लेकर सदस्य देश तैयार नही हुए। इससे पहले पाकिस्तान में होने वाले सार्क समिट को भारत सहित कई देशों ने बायकाट कर दिया था।

 

नेपाल विदेश मंत्रालय के अनुसार दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संघ (सार्क) मंत्रिपरिषद की अनौपचारिक बैठक 25 सितंबर को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76 वें सत्र के मौके पर आयोजित की जानी थी जिसे  ‘सभी सदस्य देशों से सहमति की कमी’ के कारण रद्द कर दिया गया है ।सूत्र बताते हैं कि अधिकांश सार्क सदस्य देशों ने इस अहम बैठक में तालिबान सरकार को अफगानिस्तान का प्रतिनिधित्व करने की अनुमति देने से इंकार कर दिया। तालिबान को इस बैठक में आमंत्रित करने का प्रस्ताव  पाकिस्तान की इमरान खान सरकार ने दिया था। पिछले कई दिनों से इमरान खान अंतराष्ट्रीय मीडिया के मंच से तालिबान का समर्थन कर रहे थे। तालिबान को चीन का भी समर्थन मिला हुआ है।

सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान ने इस बात पर भी जोर दिया कि अशरफ गनी के नेतृत्व वाली अफगान सरकार के किसी भी प्रतिनिधि को सार्क विदेश मंत्रियों की बैठक में किसी भी कीमत पर अनुमति नहीं दी जाएगी। सार्क के अधिकांश सदस्य देशों के इस अनुरोध के विरोध के कारण, आम सहमति नहीं बन सकी और 25 सितंबर को होने वाली सार्क विदेश मंत्रियों की बैठक को रद्द करना पड़ा।

तालिबान ने इस साल 15 अगस्त को अफगानिस्तान में लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार का तख्ता पलटा दिया था। 31 अगस्त को काबुल से अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद, तालिबान ने देश के मामलों के प्रबंधन के लिए एक अंतरिम कैबिनेट के गठन की घोषणा की थी जिसको पाकिस्तान का खुला समर्थन मिला था।

( desh 24×7)

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