वैक्सीन लगने के बाद भी सावधानी बरतने की जरुरत-अशोक गहलोत

जयपुर:  राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि वैश्विक महामारी कोरोना की रोकथाम के लिए लगाई जा

रही वैक्सीन लगाये जाने के बाद भी कोरोना समाप्त होने तक इसके प्रति दृढ़ संकल्प के साथ सावधानी बरतने की जरुरत हैं।

गहलोत ने आज मुख्यमंत्री निवास पर ऑनलाईन राज्यस्तरीय टीकाकरण अभियान की शुरुआत कार्यक्रम में यह बात कही।

उन्होंने कहा कि वैक्सीन लगने के बाद भी कोरोना प्रोटोकाल की पालना करनी पड़ेगी,

क्योंकि टीकाकरण बड़ा अभियान हैं

और इसमें साल भर लग जायेगा।

इस दौरान वैक्सीन लग जाने के बाद भी सावधानी बरतनी होगी और प्रोटोकाल की पालना से कोरोना चैन को तोड़ पायेंगे।

उन्होंने कहा कि वैक्सीन को लेकर किसी भी प्रकार की आशंका नहीं रखनी चाहिए। वैक्सीन पूरा परीक्षण के बाद आई हैं

और लोग इसके प्रति निश्चित रहे और घबराये नहीं।

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उन्होंने कहा कि वैक्सीन के मामले में हमारा देश विशेषज्ञ हैं। उन्होंने कहा कि आज का कार्यक्रम इसीलिए रखा गया,

ताकि प्रदेशवासियों में विश्वास बना रहे और उनके मन में वैक्सीन को लेकर किसी प्रकार की शंका नहीं रहे और यह

अभियान कामयाब हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय वैक्सीन का इंतजार था।

उन्होंने कहा कि कोरोना जब से राज्य में आया तब से लेकर अब तक राज्य सरकार ने इसकी रोकथाम के लिए की गई

व्यवस्था एवं प्रयास में कोई कमी नहीं रखी हैं और कोरोना वॉरियर एवं आम लोगों सहित सभी के सहयोग से इस पर

नियंत्रण रखा और सबने मिलकर कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ी, जिसका परिणाम हैं

कि प्रदेश में कोरोना की मृत्यु दर लगातार एक प्रतिशत से भी कम रही

जबकि इसके ठीक होने के मरीजों की दर 97 प्रतिशत से अधिक पहुंच गई।

उन्होंने कहा कि कोरोनाकाल में सरकार का सभी के साथ देने से यह स्थिति बनी और प्रदेश में सुखद संयोग है

कि एक तरफ कोरोना से मृत्युदर जीरो हुई दूसरी तरफ वैक्सीनेशन शुरू हुआ

लेकिन वैक्सीन लगने के बाद भी सावधानी बरतनी हाेगी।

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उन्होंने कोरोना में साथ देने वाले स्वास्थ्यकर्मियों, सफाईकर्मियों सहित सभी लोगों को धन्यवाद देते हुए उनका आभार

व्यक्त किया और कहा कि प्रदेश में कोरोना से लड़ते किसी कर्मचारी की मौत हो जाने पर पचास लाख रुपए की सहायता

देने की घोषणा की गई थी।

उन्होंने कहा कि कोरोना से निपटने के लिए देश में राजस्थान में सबसे पहले लॉकडाउन लगाया गया। सरकार ने किसी

प्रकार की कोई कमी नहीं रहने दी और जिलों में ऑक्सीजन के प्लांट लगाये गये।

सरकार पूरी तरह सक्षम हैं चाहे कैसी भी परिस्थितियां आ जाये।

  गहलोत ने कहा कि भीलवाड़ा मॉडल की पूरी दुनियां में प्रशंसा हुई।

इस मौके चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा ने कहा कि प्रदेश में प्रथम चरण में वैक्सीन 167 केन्द्रों पर लगाई जा रही हैं

जहांप्रदेश के चार लाख 80 हजार 977 स्वास्थ्यकर्मियों एवं केन्द्र से जुड़े छह हजार से अधिक स्वास्थ्यकर्मियों को टीका

लगाया जा रहा है। डा शर्मा ने बताया कि इन लोगों को 28 दिन बाद दूसरा डोज दिया जायेगा।

उन्होंने बताया कि वैक्सीन के लिए प्रदेश में तीन जगहों पर स्टेट स्टोर बनाये गये हैं 

33 जिला मुख्यालयों सहित 34 स्थानों पर इसके भण्डारण की व्यवस्था भी की गई हैं।

उन्होंने बताया कि इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था एवं अन्य पुख्ता इंतजाम किये गये हैं।

इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा, ऊर्जा मंत्री बी डी कल्ला,

परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास सहित अन्य मंत्री भी मौजूद थे।

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