जापान में मॉडर्ना कोविड वैक्सीन लेने से 2 लोगों की मौत, सरकार ने इस्तेमाल पर लगाई रोक

 

जापान सरकार ने अमेरिकी फार्मा कंपनी मॉडर्ना की कोरोना वैक्सीन लेने से 2 लोगों की मौत के बाद इसके इस्पतेमाल पर रोक लगा दी है।  जापान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस बात की पुष्टि करते हुए  करते हुए  बताया कि ये वैक्सीन उसी बैच की थी, जिसमें मिलावट की शिकायत के बाद सस्पेंड किया गया है। जापान सरकार ने इन बैच की 16.3 लाख खुराक के उपयोग को एहतियात के तौर पर निलंबित किया है।

 

जापान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार जिन दो लोगों की मौत हुई है उनकी उम्र 30 साल के आसपास थी। इस महीने मॉडर्ना टीके की दूसरी खुराक लेने के कुछ दिनों के भीतर ही दोनों की मौत हो गई। इन दोनों ने वैक्सीन के उसी बैच की डोज ली थी, जिसमें कमी पाते हुए जापान सरकार ने गुरुवार को निलंबित कर दिया । दूसरी खुराक लेने के अगले दिन दोनों को बुखार हुआ और बुखार के दो दिन बाद उनकी मौत हो गई।  समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार मंत्रालय ने कहा कि 16 अगस्त से इबाराकी, सैतामा, टोक्यो, गिफू और आइची के आठ टीकाकरण स्थलों पर विदेशी पदार्थों की पुष्टि हुई है।जापानी दवा निमार्ता टेकेडा फार्मास्युटिकल कंपनी और देश में वैक्सीन की बिक्री और वितरण के प्रभारी ने कहा कि  बुधवार को मंत्रालय को इसकी सूचना दी थी और अभी तक सुरक्षा चिंताओं की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है।

 

उधर, मॉडर्न ने कहा, आज तक, किसी भी सुरक्षा या प्रभावकारिता के मुद्दों की पहचान नहीं की गई है। हम इस मामले का सावधानीपूर्वक आकलन कर रहे हैं। मंत्रालय ने कहा कि मॉडर्न वैक्सीन की 16.3 लाख खुराक स्पेन में एक ही लाइन समय में बनाई गई थी, जो तीन लॉट नंबरों 3004667, 3004734 और 3004956   अंतर्गत आती है। वैक्सीन की ये खुराक पहले ही 863 टीकाकरण केंद्रों को सौंपी जा चुकी है। सरकार के अनुसार मई में मॉडर्न वैक्सीन को आपातकालीन उपयोग के लिए मंजूरी मिलने के बाद से देश में पहले ही 1 करोड़ से अधिक खुराक का उपयोग किया जा चुका है।

 

बता दें कि जापानी सरकार ने सितंबर के अंत तक वैक्सीन की 5 करोड़ खुराक प्राप्त करने के लिए मॉडर्न के साथ एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं। वर्तमान में 12 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोग टीके के शॉट प्राप्त कर सकते हैं। इस बीच, मंत्रालय ने सार्वजनिक रूप से दूषित टीकों की संख्या का खुलासा किया ताकि संबंधित व्यक्ति यह जांच कर सकें कि प्रभावित टीकों की खुराक को निलंबित करने से पहले उन्हें संभावित रूप से दूषित शॉट्स मिले थे या नहीं। अन्य देशों में पाई जाने वाली समान असामान्यताओं पर  मॉडर्न ने कहा कि स्थानीय अधिकारी आकलनों के बाद ही अपने निर्णय लेंगे।

 

यह समस्या ऐसे समय में सामने आई जब जापान कोविड को नियंत्रित करने के लिए संघर्ष कर रहा है। सरकार ने बुधवार को आठ और प्रान्तों को आपातकाल की स्थिति में रखने की योजना की घोषणा की। गौरतलब है कि भारत सरकार भी मॉडर्ना वैक्सीन को आपात इस्तेमाल की मंजूरी दे चुकी है। भारत के औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआइ) ने जून में मुंबई की दवा कंपनी सिप्ला को आपात उपयोग के लिए माडर्ना की कोरोना वैक्सीन के आयात की अनुमति दी थी है। हालांकि भारत में अभी तक मुख्यतौर पर ऑक्सफोर्ड की कोविशील्ड और भारत बायोटेक की कोवैक्सीन का ही इस्तेमाल हो रहा है।

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