महाराष्ट्र में बाढ़ से तबाही:मुंबई में इमारत गिरने से 3 की मौत,

 

 

भारी बारिश की वजह से महाराष्ट्र के कोल्हापुर, रायगढ़, रत्नागिरी, पालघर, ठाणे और नागपुर के कुछ हिस्सों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। शुक्रवार को मुंबई से सटे गोवंडी में एक इमारत के गिरने से 3 लोगों की मौत हो गई है। 7 जख्मी हुए हैं। घायलों को मुंबई के राजवाड़ी और सायन हॉस्पिटल में एडमिट करवाया गया है। रायगढ़ के कलई गांव में लैंडस्लाइड की वजह से 30 लोग लापता हैं। इनमें से 5 लोगों की मौत हो गई है, अन्य अभी भी फंसे हुए हैं। ​​​

जिला कलेक्टर निधि चौधरी ने बताया कि कलई गांव में लैंडस्लाइड हुई है। NDRF की एक टीम मौके पर पहुंच चुकी है। लोगों को रेस्क्यू करने के लिए पानी में डूबी सड़कों पर नाव चलाई जा रही है

महाड़ में बाढ़ में फंसे लोगों को रेस्क्यू करते NDRF के लोग।

बरसाती नदियों का पानी शहरों, कस्बों और गांवों में घुस गया है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिन के लिए कोंकण, मुंबई और इसके आसपास के जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। ठाणे और पालघर में भारी बारिश के कारण लो लाइन इलाके 24 घंटे से पानी में डूबे हैं। कोंकण डिवीजन में अभी तक बारिश से जुड़ी घटनाओं में 8 लोगों की मौत हो चुकी है। करीब 700 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है।

 

यह तस्वीर अंबोली घाट पर हुए लैंडस्लाइड की है।

रायगढ़ में 4 जगह लैंडस्लाइड होने से कई लोग फंस गए हैं, 25 लोगों को निकाला गया है और 20 अभी भी फंसे हुए हैं। तलाई गांव को कनेक्ट करने वाली सड़क पानी में बह गई है, इस कारण गांव के अंदर लोग फंसे हुए हैं। कोल्हापुर के चिखली में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए NDRF की दो टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं।

 

चिखली में गुरुवार को हुई भारी बारिश के बाद मकान डूब गए। यहां से लोगों को दूसरी जगह शिफ्ट किया गया है।

खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं कई बरसाती नदियां
रत्नागिरी जिले में जगबुडी नदी खतरे के निशान से 2 मीटर और वशिष्ठ नदी खतरे के निशान से करीब एक मीटर ऊपर बह रही है। कजली, कोडावली, शास्त्री और बावंडी नदियाें ने भी खतरे के निशान को पार कर लिया है। कुंडलिका, अंबा, सावित्री, पातालगंगा, गढ़ी और उल्हास नदियां भी चेतावनी के स्तर पर बह रही हैं।

कोंकण रेल सेवा पर असर पड़ा
बारिश की वजह से कोंकण रेल रूट पर कई जगह लैंडस्लाइड हुई है। रत्नागिरी जिले में बारिश के कारण रेल सर्विस बंद हो गई थी। इससे अलग-अलग जगहों पर करीब 6 हजार यात्री फंसे हुए हैं। इन्हें निकालने के लिए NDRF की टीमों को लगाया गया है।

 

इन इलाकों में सबसे अधिक बारिश
पिछले 24 घंटों के दौरान महाराष्ट्र के चिपलून, कोल्हापुर, सतारा, अकोला, यवतमाल, हिंगोली जिलों में भारी बारिश हुई है। चिखली इलाके में भारी बारिश की वजह से लोगों के घरों में पानी भर गया है। यहां भी NDRF की टीमें रेस्क्यू में जुटी हैं। रस्सियों और नाव के जरिए लोगों को घरों से सुरक्षित बाहर निकाला जा रहा है। ठाणे, पालघर में आज भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग का आधा हिस्सा पानी में डूबा हुआ है।

भीमाशंकर का आधा हिस्सा पानी में डूबा
12 ज्योतिर्लिंगों में से एक भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग के गर्भगृह और बाहर बाढ़ जैसे हालात हैं। मंदिर के पुजारियों ने शुक्रवार को पानी में आधा डूब कर भोलेनाथ की आरती की है। यह ज्योतिर्लिंग पुणे जिले के खेड़ में स्थित है।

24 घंटे से पानी में डूबा है चिपलून
चिपलून कस्बा पूरी तरह से जलमग्न है। नगर निगम, तट रक्षक और राजस्व के बचाव दल निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को बाहर निकालने के लिए नावों का इस्तेमाल कर रहे हैं। लांजा, राजापुर, संगमेश्वर कस्बे और आस-पास के इलाके भी बारिश से प्रभावित हुए हैं।

 

 

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