जानिए यूपी में क्यों लगा सबसे ज्यादा करोना का टीका

लखनऊ

– प्रदेश में 4, 63,681 स्‍वास्‍थ्‍यकर्मियों का हुआ कोविड टीकाकरण
– प्रदेश में कोरोना से संक्रमित 97.51 प्रतिशत रोगी हुए स्‍वस्‍थ
– देश में सर्वाधिक जांच व टीकाकरण करने वाला प्रदेश बना यूपी
– पांच फरवरी से फ्रंटलाइन वर्कर्स को लगेगी वैक्‍सीन
– गैर हाजिर लाभार्थी के बदले दूसरे रजिस्‍टर्ड लाभार्थी का हो सकेगा टीकाकरण
– ई-संजीवनी पोर्टल पर साढ़े चार लाख से अधिक लोगों ने लिया परामर्श

कोरोना के खिलाफ यूपी की रणनीति दूसरे प्रदेशों से ज्‍यादा सफल रही है। इसका ही परिणाम है कि सर्वाधिक कोरोना जांच के बाद अब टीकाकरण कराने में भी यूपी शीर्ष पर है। प्रदेश में कोविड पर लगाम लगाने में योगी सरकार की नीतियां कारगर साबित हुई हैं। यूपी कोविड नियंत्रण पर सफलता के नए रिकॉर्ड दर्ज कर रहा है। कोरोना टेस्टिंग के बाद यूपी अब देश में सर्वाधिक कोविड वैक्सीनेशन करने वाला प्रदेश भी बन गया है। यूपी ने देश में सबसे अधिक 4,63,681 टीके लगा कर कोविड जांच के बाद वैक्‍सीनेशन में भी नंबर वन का खिताब हासिल किया है।

सबसे अधिक आबादी वाले उत्‍तर प्रदेश में 16 जनवरी को 22,643, जनवरी 22 को 1,01,006, जनवरी 28 को 1,71,198, जनवरी 29 को 1,68,834 टीके हेल्‍थ वर्कस को लगाए गए। प्रदेश में चार फरवरी को हेल्‍थ वर्कर्स का टीकाकरण पूरा करने के बाद पांच फरवरी को फ्रंट लाइन वर्कर्स का टीकाकरण शुरू किया जाएगा। बता दें कि प्रदेश में कोरोना फ्रंटलाइन वर्कर्स की संख्‍या लगभग 08 लाख है। प्रदेश में 25 मार्च तक हेल्‍थ केयर वर्कर्स व फ्रंट लाइन वर्कर्स की वैक्‍सीनेशन प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। प्रदेश में पांच फरवरी से फ्रंट लाइन वर्कर्स को कोविड टीकाकरण किया जाएगा। जिसके तहत पुलिसकर्मी, सेना के जवानों, होमगार्ड, सिविल डिफेंस, सफाई कर्मचारी, रेवन्‍यू डिपार्टमेंट को टीका लगाया जाएगा। 25 मार्च के बाद 50 साल से ऊपर के लोगों का टीकाकरण अभियान शुरू किया जाएगा।

गैर हाजिर लाभार्थी के बदले दूसरे रजिस्‍टर्ड लाभार्थी का हो सकेगा टीका

प्रदेश में कोरोना टीकाकरण की रफ्तार को बढ़ाने के उद्देश्‍य से सेंट्रलाइज कोविन पोर्टल में बदलाव किया गया है। अब किसी बूथ पर सूची में शामिल लाभार्थी के गैर हाजिर होने पर पोर्टल पर रजिस्‍टर्ड दूसरे लाभार्थी को शामिल किया जा सकेगा। राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मिशन (एनएचएम) यूपी के जीएम (टीकाकरण) डॉ मनोज शुक्‍ला ने बताया कि कोविन पोर्टल पर दर्ज लाभार्थियों के फोन पर ऑटोमेटिक तय समय पर वैक्‍सीन लगवाने का मैसेज जाता है। अब तक पोर्टल से जारी सूची में शामिल लाभार्थियों को वैक्‍सीनेशन की सुविधा थी। पर अब टीकाकरण के दिन स्‍थल पर सूची में शामिल लाभार्थी के गैर हाजिर होने पर वहां पर मौजूद पोर्टल पर रजिस्‍टर्ड दूसरे लाभार्थी का नाम बढ़ाया जा सकेगा।

ई-संजीवनी पोर्टल पर साढ़े चार लाख से अधिक लोगों ने लिया परामर्श

प्रदेश में ई-संजीवनी पोर्टल पर अब तक साढ़े चार लाख से अधिक लोग परामर्श ले चुकें हैं। उत्‍तर प्रदेश में कोरोना से संक्रमित 95.51 प्रतिशत रोगी स्‍वस्‍थ्‍य हो चुके हैं। कान्‍टेक्‍ट ट्रेसिंग और ‘सर्विलांस’ के जरिए कोरोना वायरस की चेन को तोड़ वायरस पर काबू पाने में अदभुत सफलता हासिल की है। यह भी एक रिकॉर्ड है कि 24 करोड़ की आबादी वाले प्रदेश में सर्विलांस टीमें 18 करोड़ आबादी तक पहुंच चुकी हैं। प्रदेश में ग्रुप टेस्टिंग, कोल्‍ड चेन, कान्‍टेक्‍ट ट्रेसिंग, टीकाकरण के जरिए कोरोना को मात दी जा रही है। प्रदेश में रोजाना डेढ़ लाख से ज्‍यादा निशुल्‍क कोविड टेस्‍ट किए जा रहे हैं। इस तरह पौने तीन करोड़ से अधिक कोविड टेस्‍ट का आकड़ा पार करते हुए उत्‍तर प्रदेश देश में सर्वाधिक जांच करने वाला प्रदेश बन गया है।

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