अखिलेश यादव ने किया जनता से वादा, सपा सरकार आई तो मिलेगी इतनी फ्री बिजली

अखिलेश के फ्री बिजली देने के ऐलान पर सीएम योगी ने किया पलटवार, कही ये बात

लखनऊ: यूपी चुनाव को लेकर पार्टियों के बीच तोहफों और वादों को लेकर वार पलटवार हो रहा है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने 300 यूनिट बिजली फ्री में देने का ऐलान किया है. जिसके बाद सीएम योगी ने पलटवार किया है. अखिलेश यादव ने अपने चुनावी अभियान में मुफ्त बिजली के वादे का स्विच ऑन किया तो इसका असर भाजपा पर भी हुआ. रामपुर में सभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने पलटवार का करंट अखिलेश को दिया.

अखिलेश यादव ने ट्वीट किया, ‘‘नव वर्ष की हार्दिक बधाई व शुभकामना! अब बाइस (2022) में ‘न्यू यूपी’ में नई रोशनी से नया साल होगा 300 यूनिट घरेलू बिजली फ़्री व सिंचाई बिल माफ होगा. नव वर्ष सबको अमन-चैन, खुशहाली दे. सपा सरकार आएगी और 300 यूनिट फ्री घरेलू बिजली व सिंचाई की बिजली मुफ़्त दिलवाएगी. #बाइस_में_बाइसिकल’’

अखिलेश के वादे पर सीएम योगी ने किया पलटवार

बता दें सपा प्रमुख के वादे पर सवाल उठाते हुए सीएम योगी ने कहा, ”कुछ देर पहले मैं पढ़ रहा था. बबुआ आज कुछ बोल रहे थे. वह सरकार आने पर मुफ्त में बिजली देनी की बात कर रहे थे. अरे, जब आप बिजली ही नहीं देते थे, तो मुफ्त में बिजली कहां से दोगे?”

योगी पहले घंटों तक बत्ती गुल रहने और अपनी सरकार में 24 घंटे बिजली फुल रहने का दांव चल रहे हैं. वहीं विपक्षी दल सस्ती और मुफ्त बिजली का मुद्दा उछाल कर योगी सरकार को जोर का झटका धीरे से देने की तैयारी में हैं.

राज्य में आम आदमी पार्टी पहले ही सरकार बनने पर 300 यूनिट बिजली मुफ्त देने का ऐलान कर चुकी है. 16 सितंबर को आम आदमी पार्टी (आप) ने भी यूपी में पार्टी की सरकार बनने पर दिल्ली की तरह घरेलू उपभोक्ताओं को 300 यूनिट बिजली मुफ्त देने और 38 लाख परिवारों पर बकाया बिजली का बिल माफ करने का ऐलान किया था. ऐसे में एसपी भी मुफ्त और सस्ती बिजली के मुद्दे पर उतर आई है.

उत्तर प्रदेश में जानें बिजली का सच

बता दें यूपी की बिजली कंपनियां एक लाख करोड़ के घाटे में हैं. सरकार पहले ही 11 हजार करोड़ की सब्सिडी दे रही है अब किसानों और आम उपभोक्ता को 300 यूनिट तक बिजली मुफ्त देने का वादा हो रहा है. इसके लिए सरकार को 24 हजार करोड़ का इंतजाम अभी और करना होगा. यानी कुल मिलाकर 35 हजार करोड़ की सब्सिडी का इंतजाम करना होगा, लेकिन जहां चुनाव जीतने की होड़ होती है वहीं तर्क नहीं देखे जाते. वादा करने वाला पिछले इतिहास भी नहीं देखते हैं.

भाजपा में बिजली के दाम 24 फीसदी बढ़े, जबकि एसपी राज में बिजली दर 50 फीसदी बढ़े. यानी जो सरकार में आया उसने आम जनता की परवाह किए बिना बिजली की कीमतों को बढ़ा दिया. यूपी में  में बिजली चोरी से होने वाला नुकसान बड़ा मुद्दा है,लेकिन उसकी भरपाई बिजली के दाम बढ़ाकर आम उपभोक्ता से की जाती है. अब जब पार्टियों को जनता के दरबार में जाना है तो सस्ती बिजली याद आ रही है.

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