Tuesday, December 1, 2020

अरुण जेटली को दी गयी मुखाग्नि, शेष रह गईं सिर्फ स्मृतियां

Must read

संविधान को जानना हर नागरिक के लिए जरुरी : PM Modi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को संविधान दिवस के मौके पर केवड़िया में जारी एक कार्यक्रम को संबोधित किया। पीएम मोदी ने इस दौरान...

केंद्र सरकार के खिलाफ हड़ताल : 26 नवंबर को 25 करोड़ कामगार राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर, बैंक भी हुए शामिल

  26 नवंबर को 25 करोड़ कामगारों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के समर्थन और बैंकों के निजीकरण के खिलाफ अखिल भारतीय बैंक और ऑल इंडिया सेंट्रल...

लालू वाले सुशील मोदी के ट्वीट पर ट्विटर ने उठाया ये कदम, डिलीट करना पड़ा ट्वीट

बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कुछ दिन पहले राजद प्रमुख लालू यादव पर बीजेपी विधायक को लालच देने का आरोप लगाया...

सदन में तेजस्वी का नीतीश पर निजी हमला, कहा- बेटा तो एक ही है, लेकिन बेटी के डर से दूसरा बच्चा पैदा नहीं किया…

बिहार विधानसभा के आखिरी दिन नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सत्ता पक्ष पर जमकर हमला बोला। हालाकि उनके पूरे भाषण के दौरन नीतीश कुमार...

पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली ने रविवार दोपहर दुनिया को अलविदा कह दिया। अंतिम संस्कार के साथ जेटली दुनिया को बस यादों के साथ पीछे छोड़ गए। निगमबोध घाट में राजकीय सम्मान से उनके पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार हुआ। उनके बेटे रोहन जेटली ने उन्हें मुखाग्नि दी।

सुबह 11 बजे उनके पार्थिव शरीर को उनके आवास से बीजेपी मुख्यालय में लाया गया था। दोपहर डेढ़ बजे बीजेपी मुख्यालय से उनकी अंतिम यात्रा शुरू हुई। आईटीओ से होते हुए उनकी यात्रा निगमबोध घाट पर ख़त्म हुई। ढाई बजे उनका पार्थिव शरीर घाट पहुँच चुका था। इसके आधे घंटे बाद उनके अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू हो गई। तीन बजकर पंद्रह मिनट पर उनका दाह संस्कार किया गया। उनके बेटे रोहन जेटली ने उनके शव को मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार के समय घाट पर जेटली के करीबियों सहित कई राजनीतिक हस्तियां भी मौजूद थी। गृहमंत्री अमित शाह, राजनाथ सिंह, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, दिल्ली के सीएम अरविन्द केजरीवाल, जेपी नड्डा, स्मृति ईरानी, बाबा रामदेव, नीतीश कुमार सहित विपक्ष के कपिल सिब्बल, ज्योतिरादित्य सिंधिया निगम बोध घाट पर मौजूद थे। उनके अंतिम संस्कार के समय दिल्ली का मौसम भी ग़मगीन था। घाट और आसपास के इलाको में काफी देर तक बारिश हुई।

देश की प्रगति में योगदान

स्वर्गीय अरुण जेटली ने देश की प्रगति में काफी योगदान दिया था। वाजपेयी सरकार में रक्षा मंत्री और मोदी सरकार में वित्त मंत्री के रूप में उन्होंने भारतीय इतिहास के कई बड़े कदम उठाए। जीएसटी, मुद्रा योजना, विमुद्रीकरण, आयुष्मान योजना और कई बड़े कार्यों में जेटली की भूमिका को हमेशा याद रखा जाएगा। आपको बता दें कि जेटली को स्वास्थ सम्बन्धी परेशानियां थी। उन्हें सांस लेने में परेशानी हो रही थी। उन्हें सॉफ्ट टिश्यू सरकोमा नाम का कैंसर था। 9 अगस्त को उन्हें दिल्ली के AIIMS अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां कई दिनों से उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया था।

- Advertisement -

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article

उत्तर प्रदेश में 43 आईपीएस अधिकारियों के हुए तबादले, 2015 बैच पर मेहरबान हुए योगी 

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फिर से कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए अपने कई बड़े अधिकारियों का फेरबदल किया है।...

किसान क्यों चाहते हैं MSP पर लिखित गारंटी? जानिए क्या है विरोध का बड़ा कारण…

नई दिल्ली : केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन नए कृषि कानूनों (Farm Bill) के खिलाफ किसानों का आंदोलन (Farmer Protest) आज छठे दिन...

NDA के CM कैंडिडेट ‘नीतीश’ को जेल भेजने की बात करने वाली लोजपा NDA का ‘नमक’,मोदी कैबिनेट में जगह मिलने की उम्मीद पाले बैठे...

ये राजनीति है यहाँ सब जायज है नरेंद्र मोदी के चिराग मुरीद है कारण शायद बीजेपी पर कोई रहम आ जाये और मंत्री मंडल...

सुप्रीम कोर्ट कि सुनवाई में पेश हुआ “शर्टलेस व्यक्ति” कोर्ट ने सुनाई खरी-खरी…

सुप्रीम कोर्ट में एक मामले की सुनवाई के दौरान जज के सामने एक शख्स बिना शर्ट पहने आ गया। इस पर अदालत ने उस...

सीना चीर लूंगा तो अखिलेश जी की मूर्ति निकलेगी- नए नवेले कार्यकर्ता

समाजवादी पार्टी में इस वक्त कई सारे नए नवेले कार्यकर्ता आ रहे हैं यह कार्यकर्ता दूसरी पार्टियों से अब समाजवादी पार्टी की तरफ रुख...