​तीनों सेनाएं ​किसी भी स्थिति के लिए तैयार: CDS जनरल बिपिन रावत

​नई दिल्ली : सैन्य बलों के प्रमुख (सीडीएस) ​जनरल बिपिन रावत ने कहा कि ​भारतीय सेना चीन और पाकिस्तान से एक साथ निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।​ ​सेना ​को 15 दिन ​के पूर्ण युद्ध के लिए गोला-बारूद ​का स्टॉक इकट्ठा करने का अधिकार दिए जाने के मुद्दे पर सीडीएस जनरल बिपिन रावत ने कहा कि सभी बलों को ​​किसी भी स्थिति के लिए तैयार ​रहने का निर्देश दिया गया है​​। ​​​​पहले ​सेना 10 दिन ​का स्टॉक रख सकती थी लेकिन लद्दाख में चीन से तनाव के बीच भारतीय सेना ने अब युद्ध की तैयारी को बढ़ा ​दी है​​।
नौसेना के लिए स्टील्थ फ्रिगेट के जलावतरण के बाद पत्रकारों से बात करते हुए रावत ने कहा कि​ ​​हम पूरी तरह से तैयार हैं और किसी भी विपरीत परिस्थिति का सामना कर सकते हैं। ​​जनरल विपिन रावत से जब पाकिस्तान द्वारा लगातार किए जाने वाले सीजफायर को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा​ कि ​दूसरे पक्ष को अधिक चिंतित होना चाहिए। ​​​मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि हम किसी भी घटना के लिए पूरी तरह से तैयार हैं, जिसका हमें सामना करना पड़ सकता है। ​​सशस्त्र बलों ​को 15 दिन ​के पूर्ण युद्ध के लिए गोला-बारूद ​का स्टॉक इकट्ठा करने का अधिकार देकर किसी भी स्थिति के लिए तैयार ​रहने का निर्देश दिया गया है​​।
 ​
चीन ​की तरफ से ​​वास्तविक नियंत्रण रेखा​ की ​वस्तुस्थिति बदलने की कोशिश ​के चलते एलएसी पर ​​सशस्त्र बलों की ​उच्च स्तरीय ​तैनाती करना जरूरी हो ​गया था​​।​ ​​अब वहां ​​भारतीय सेना ​चीन से ​पूरी तरह ​निपटने के लिए तैयार है​ क्योंकि सीमा पर तैनात भारतीय सुरक्षा बल धरती, आसमान या समुद्र में अपनी ​भूमि की सुरक्षा को लेकर कोई कोर कसर नहीं ​छोड़ेंगे​​​​​।​​​​ उन्होंने कहा कि लद्दाख में हमारे साथ गतिरोध ब​ने रहने के साथ ही ​​चीन के स्वायत्त क्षेत्र तिब्बत में कुछ निर्माण गतिविधियां चल रही ​हैं, जिन पर भारत की नजर है​।​ अपने सामरिक हित को देखते हुए हर देश अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तैयारी करेगा​​​​।
​बिपिन रावत ने कहा कि अब समय आ गया है कि​ भविष्य में युद्ध लड़ने की तकनीक ​को बदला जाए​​।​ ​हमें उत्तरी सीमाओं पर किसी भी खतरे या चुनौतियों का सामना करने के लिए पर्याप्त बल मिला है​​।​ हमने चीनी पक्ष के लद्दाख स्वायत्त में कुछ गतिविधियों पर ध्यान दिया है​ और हम इन सभी डेवलेपमेंट पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं​​।​ हमने अपने पक्ष में कुछ कदम भी उठाए हैं​, इसलिए हम किसी भी चुनौती से पूरी तरह से निपटने के लिए तैयार हैं​​।​ ​​​​उन्होंने कहा कि  ​​बल के आधार पर हम (भारत) ​और चीन ​बराबर हैं लेकिन अब हम तकनीक पर काम कर रहे हैं और सीमाएं सुरक्षित हैं​​​।​​ हमारे पास उत्तरी सीमाओं पर किसी भी खतरे या चुनौतियों का सामना करने के लिए पर्याप्त बल है​​​​​​।​​

 

Related Articles

Back to top button