हे राम! 21 वीं सदी में इस अंधविश्वास के चलते मासूम बच्चों की नरबलि!!

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झारखंड में भले ही रघुबर सरकार जागरूकता फैलाने के लाख दावे करें पर झारखंड में अंधविश्वास के कारण लगातार मासूम बलि चढ़ रहे हैं। लातेहार के दूरदराज मनिका थाना क्षेत्र में ऐसी ही अंधविश्वास की घटना घटी जिससे मानवता का एक बार फिर शर्म से सिर झुक गया।

लातेहार जिले के मनिका थाना क्षेत्र के सेमरहट गांव में दो बच्चों का सिर कटा शव बरामद हुआ। पुलिस को शव की सूचना ग्रामीणों से मिलने के बाद मिली और घटनास्थल पर पहुंचते ही दोनों बच्चों के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया। तत्काल पुलिस के अधिकारियों ने एफएसएल की टीम को भी जांच के लिए बुलाया।

बच्चो के परिजनों ने लगाया आरोप

उधर, बच्चों के परिजनों का आरोप है कि अंधविश्वास के चलते बच्चों की बलि दी गई हैं । मृत बच्चों की पहचान 10 वर्षीय निर्मल उरांव और 6 वर्षीय शीला कुमारी के रूप में हुई हैं और दोनों अलग-अलग परिवार के थे। ग्रामीणों ने बताया कि मृत बच्चें बुधवार शाम से ही गायब थे और जब तलाश की गई तो रेत के ढ़ेर में एक बच्चे का पैर दिखाई दिया जिसके बाद पुलिस को इसकी सूचना दी गई।

ग्रामीणों ने बच्चों की हत्या का आरोप गांव के ही सुनील उरांव पर लगाया है। आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। ग्रामीणों के अनुसार पता चला की अंधविश्वास को लेकर वारदात को अंजाम दिया गया हैं। मनिका थाना प्रभारी प्रभाकर मुंडा ने बताया है कि घटना की जांच पड़ताल के लिए मजिस्ट्रेट की नियुक्ति की गई है। शव की बरामदगी कर ली गई है और फिलहाल आरोपी के घर का ताला तोड़कर जांच कार्य में पुलिस जुटी हुई है। घटनास्थल पर फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों की टीम पहुंची और एक-एक बिंदु पर तहकीकात शुरू कर दी। पूरा गांव पुलिस छावनी में तब्दील हो गया हैं और आगे की कार्यवाही अभी भी जारी हैं।

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