पंजाब में ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ का बड़ा असर: NDPS केस, गिरफ्तारियां और सजा दर में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान का दिखा बड़ा असर NDPS केस, गिरफ्तारी और जब्ती में रिकॉर्ड बढ़ोतरी 89% सजा दर के साथ नशा नेटवर्क पर कड़ा प्रहार

Punjab news: पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में चलाए जा रहे ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान के असर अब साफ तौर पर दिखने लगे हैं। ताजा आंकड़े बताते हैं कि नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई तेज हुई है, नेटवर्क कमजोर हुआ है और दोषियों को सजा दिलाने में भी बड़ी सफलता मिली है।
रिकॉर्ड स्तर पर बढ़े NDPS मामले और गिरफ्तारियां
आंकड़ों के मुताबिक 2022 से 2026 (अब तक) के बीच 73,541 एनडीपीएस मामले दर्ज किए गए हैं, जो 2017–2021 के 52,255 मामलों के मुकाबले 40% से ज्यादा वृद्धि है। इसी अवधि में गिरफ्तारियों का आंकड़ा भी 68,064 से बढ़कर 98,596 पहुंच गया है, जो पुलिस की सख्त कार्रवाई को दर्शाता है।
Punjab news: हेरोइन और अफीम की जब्ती में बड़ा उछाल
जब्ती के आंकड़े इस अभियान की गंभीरता को और मजबूत करते हैं। हेरोइन की बरामदगी में 148% की भारी बढ़ोतरी दर्ज हुई है—2022 से अब तक 5,979 किलो हेरोइन जब्त की गई, जबकि 2017–21 में यह 2,412 किलो थी। वहीं अफीम की जब्ती 43% बढ़कर 3,583 किलो हो गई है।
Punjab news: सिंथेटिक ड्रग्स पर भी कसा शिकंजा
सिंथेटिक ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई में भी तेज़ी आई है। ‘आइस’ (क्रिस्टल मेथामफेटामाइन) की जब्ती 17 किलो से बढ़कर 93 किलो तक पहुंच गई है, जो 447% की वृद्धि है। कोकीन की जब्ती 6,064 किलो रही, जो पिछले आंकड़ों के लगभग बराबर है।
दवाइयों के दुरुपयोग पर भी बड़ी कार्रवाई
यह अभियान अब दवाइयों के गलत इस्तेमाल तक पहुंच चुका है। 2022–26 के दौरान करीब 8.7 करोड़ गोलियां और कैप्सूल जब्त किए गए हैं, जो खासतौर पर युवाओं में बढ़ती नशे की आदत पर बड़ा प्रहार माना जा रहा है।
सजा दर में सुधार, 89% तक पहुंचा आंकड़ा
सबसे अहम बात यह है कि न्यायिक स्तर पर भी सुधार देखने को मिला है। दोषियों को सजा दिलाने की दर बढ़कर 89% हो गई है, जो मजबूत जांच और प्रभावी अभियोजन का नतीजा है।
DGP का बयान: रणनीति में आया बड़ा बदलाव
डीजीपी पंजाब गौरव यादव ने कहा कि यह सिर्फ कार्रवाई बढ़ने का मामला नहीं, बल्कि नशे से लड़ने की रणनीति में बड़ा बदलाव है। उन्होंने बताया कि इंटेलिजेंस आधारित कार्रवाई और पूरी सप्लाई चेन पर दबाव बनाने से ये नतीजे सामने आए हैं।
सरकार का फोकस: नेटवर्क तोड़ना, नशा खत्म करना
Punjab news: सरकार का कहना है कि जब्ती बढ़ना कार्रवाई की मजबूती दिखाता है, लेकिन असली लक्ष्य नशा नेटवर्क को तोड़ना और इसकी उपलब्धता को कम करना है, ताकि इस अभियान का असर लंबे समय तक बना रहे।
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